
Share Market News: भारतीय आईटी शेयरों में आज बिकवाली देखी जा रही है। शुरुआती कारोबार के दौरान निफ्टी आईटी इंडेक्स 2.7% गिर गई। सभी सेक्टर्स में से आज सबसे ज्यादा गिरावट आईटी में देखी जा रही है। बड़े आईटी शेयरों में से एचसीएल टेक्नोलॉजीज में सबसे अधिक 3.5 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। इन्फोसिस और एलटीआई माइंट्री के शेयर भी दबाव में दिखे। इनमें करीब 3 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। इसके अलावा, टीसीएस, कोफोर्ज, टेक महिंद्रा, विप्रो और एलएंडीटी टेक्नोलॉजी सर्विसेस के शेयर में भी गिरावट देखी गई है।
अमेरिकी टेक शेयरों में आई गिरावट का असर आज भारतीय आईटी सेक्टर में देखने को मिला है। बुधवार को S&P500 1.6 फीसदी गिरा था। वहीं, नैस्डैक कंपोजिट में 2 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई थी। अमेरिका में मंहगाई के बढ़े हुए आंकड़ों के बाद निवेशकों का सेंटीमेंट निगेटिव हो गया है।
ब्रोकरेज फर्म मास्टरट्रस्ट में चीफ रिसर्च ऑफिसर डॉ रवि सिंह ने पत्रिका डॉट कॉम को बताया कि इस समय वैश्विक टेक्नोलॉजी शेयरों में दबाव देखा जा रहा है। अमेरिका में धीमी टेक स्पेंडिंग की चिंता से निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। इसका असर भारतीय आईटी शेयरों में भी देखा जा रहा है। भूराजनीतिक तनाव में इजाफा और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से भी आईटी शेयर दबाव में हैं। डॉ रवि ने बताया कि इन्फोसिस, टीसीएस, विप्रो और टेक महिंद्रा जैसे बड़े आईटी शेयरों में इस समय भारी मुनाफावसूली देखी जा रही है।
डॉ रवि ने कहा, 'ट्रेडिशनल आईटी सर्विसेस में एआई के प्रभाव को लेकर भी निवेशक थोड़े चिंतित हैं। दुनियाभर में कंपनियां एआई पर अपने बजट का पुनर्मुल्यांकन कर रही हैं और नए प्रोजेक्ट्स पर डिसीजन मेकिंग में देरी हो रही है। इसके अलावा, बढ़ी हुई महंगाई के आंकड़ों ने यूएस फेड द्वारा रेट कट की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। इससे भी ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट पर असर पड़ा है।'
डॉ रवि ने कहा कि हालिया गिरावट के बाद भी फंडामेंटली स्ट्रांग आईटी कंपनियों के लिए लॉन्ग टर्म आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। क्योंकि वैश्विक स्तर पर डिजिटल ट्रांसफोर्मेशन और एआई रिलेटेड सेवाओं की मांग अभी भी बढ़ रही है। हालांकि, आईटी सेक्टर में शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।