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कहीं निगेटिव तो नहीं है आपकी Net Worth? जान लें चेक करने का फॉर्मूला, दिखें ये संकेत तो हो जाएं सावधान

Net Worth Calculation: नेटवर्थ ही बताती है कि आप असल में आर्थिक रूप से कितने मजबूत हैं। अगर आपकी कमाई बढ़ रही है लेकिन नेटवर्थ नहीं बढ़ रही, तो यह खर्चों या कर्ज के बढ़ते बोझ का संकेत हो सकता है।

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Jun 18, 2026
cheak your networth and Calculat Wealth
Wealth Creation के लिए Net Worth पता होना भी जरूरी है। (PC: AI)

Net Worth : अधिकतर लोग अपनी इनकम बढ़ने को ही आर्थिक तरक्की मानते हैं, लेकिन आर्थिक मजबूती मापने का असली पैमाना नेटवर्थ होती है। अगर आपकी कमाई बढ़ रही है, लेकिन नेटवर्थ नहीं बढ़ रही, तो यह खर्चों या कर्ज के बढ़ते बोझ का संकेत हो सकता है। कई बार अच्छी सैलरी होने के बावजूद लोग पर्याप्त संपत्ति नहीं बना पाते, इसलिए लोगों को नेटवर्थ की कैलकुलेश करना और उससे जुड़ी कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।

नेटवर्थ निकालने का फॉर्मूला

नेटवर्थ निकालने का फॉर्मूला बेहद आसान है। आपकी सभी संपत्तियों जैसे प्रॉपर्टी, बैंक बैलेंस, फिक्स्ड डिपॉजिट, म्यूचुअल फंड, शेयर, पीपीएफ, ईपीएफ और अन्य निवेश का वर्तमान मूल्य जोड़ लें। इसके बाद होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड बकाया और अन्य सभी कर्ज की कुल वैल्यू को इसमें से घटा दें। जो आंकड़ा बचेगा वही आपकी नेटवर्थ होगी।

उदाहरण से समझें

मान लीजिए किसी व्यक्ति के पास 80 लाख रुपये का मकान, 15 लाख रुपये के म्यूचुअल फंड और शेयर, 5 लाख रुपये की बचत तथा 10 लाख रुपये की अन्य संपत्तियां हैं। यानी कुल संपत्ति 1.10 करोड़ रुपये हुई। वहीं, उस व्यक्ति पर 35 लाख रुपये का होम लोन और 5 लाख रुपये का कार लोन बाकी है। ऐसे में कुल देनदारी 40 लाख रुपये होगी। इस स्थिति में उस व्यक्ति की नेटवर्थ 70 लाख रुपये होगी।

  • कुल संपत्ति – कुल देनदारियां = नेट वर्थ
  • 1.10 करोड़ रुपये – 40 लाख रुपये = 70 लाख रुपये

ज्यादा कर्ज से निगेटिव हो सकती है नेटवर्थ

आपकी नेटवर्थ में कमी लाने वाला सबसे बड़ा कारण आपका कर्ज होता है। अगर आपके पास संपत्ति से अधिक कर्ज है, तो आपकी नेटवर्थ निगेटिव भी हो सकती है। यह काफी खतरनाक है। यह स्थिति बताती है कि आप कर्ज के जाल में बुरी तरह फंस चुके हैं। इसलिए हर महीने जाने वाली सभी EMI का टोटल आपकी मंथली इनकम के 30 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए। इसलिए ईएमआई टू इनकम रेश्यो भी देखना जरूरी है। यह रेश्यो 40 प्रतिशत से ऊपर होने पर यह आपकी नेटवर्थ को नुकसान पहुंचाता है।

बचत में होने लगे गिरावट तो संभल जाएं

फाइनेंशियल मजबूती का एक पैमाना इमरजेंसी फंड भी है। यदि परिवार के पास मौजूद बचत में गिरावट होने लगे या उसके द्वारा जमा इमरजेंसी फंड में कमी आने लगे तो यह आपकी नेटवर्थ में कमी लाता है। ऐसे में बचत और इमरजेंसी फंड को बढ़ाना जरूरी है।

हर साल करें नेटवर्थ की गणना

यदि आपकी कुल संपत्ति में लगातार कमी होने लगे और कर्ज में बढ़ोतरी हो, तो यह आपकी नेटवर्थ को नेगेटिव कर देता है। ऐसे में आपको अपनी नेटवर्थ की गणना हर साल करनी चाहिए और पता लगाना चाहिए कि क्या नेटवर्थ कम तो नहीं हो रही। उदाहरण के लिए यदि किसी व्यक्ति की संपत्ति 10 लाख रुपये है लेकिन उस पर 15 लाख रुपये का कर्ज है, तो उसकी नेटवर्थ माइनस 5 लाख रुपये होगी। यह स्थिति बताती है कि व्यक्ति को सबसे पहले कर्ज कम करने और खर्चों पर कंट्रोल करने की जरूरत है।

Updated on:
18 Jun 2026 02:42 pm
Published on:
18 Jun 2026 02:39 pm