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Online Scam: आपके फोन पर कंट्रोल करने से लेकर सिम स्वैपिंग तक, इन 5 तरीकों से सबसे ज्यादा हो रहा साइबर फ्रॉड, जानिए कैसे बचें

Banking Fraud: बढ़ते डिजिटल ट्रांजेक्शंस के बीच कई ऐसे तरीके हैं, जिनके जरिए साइबर ठग आपके साथ धोखेबाजी करते हैं और आपकी मेहनत की कमाई को चुरा लेते हैं। इनमें फिशिंग, सिम स्वैप, रिमोट एक्सेस जैसे कुछ तरीके शामिल हैं।
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Jun 27, 2026
Digital Banking Scams India
UPI Fraud Alert: साइबर ठगी से बचने के लिए सावधानी रखनी चाहिए। (PC: AI)

Banking Fraud Alert: डिजिटल बैंकिंग ने पैसों का लेनदेन आसान बना दिया है। लेकिन जैसे-जैसे डिजिटल पेमेंट सिस्टम बढ़ रहे हैं, ऑनलाइन ठगी और धोखेबाजी जैसी घटनाएं भी बड़ी संख्या में सामने आ रही हैं। बैंकिंग प्रोसेस से अनजान लोगों के साथ ऑनलाइन फ्रॉड ज्यादा होता है। ऐसे में इस तरह के फ्रॉड से बचने के लिए यह जानकारी होनी चाहिए कि फ्रॉड कैसे होता है और क्या सावधानियां रखनी चाहिए। अगर लोगों को ठगी के आम तरीकों की जानकारी हो और वे कुछ जरूरी सावधानियां बरतें, तो वे अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रख सकते हैं। आइए जानते हैं कि धोखेबाज मासूम लोगों को ठगने के क्या-क्या तरीके अपना रहे हैं।

लोगों को भेजा जाता है मैसेज

ऑनलाइन ठगी का सबसे आम तरीका फिशिंग है। इसमें ठग बैंक या उसका कर्मचारी बनकर आपको ईमेल, SMS और सोशल मीडिया पर संदेश भेजते हैं। इनमें अक्सर लिखा होता है कि आपका बैंक खाता बंद हो गया है, KYC अपडेट करनी है या कोई इनाम का ऑफर निकला है। संदेश में जो वेबसाइट का लिंक होता है वह असल में बैंक जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट का होता है। जब यूजर वहां लॉगिन आईडी, पासवर्ड, डेबिट कार्ड की जानकारी या OTP डालते हैं, तो यह जानकारी ठगों के पास पहुंच जाती है। इसलिए किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले वेबसाइट का वेब एड्रेस जरूर जांचें।

UPI कलेक्ट रिक्वेस्ट का झांसा

UPI ने भुगतान आसान बनाया है, लेकिन ठग इसका भी गलत फायदा उठा रहे हैं। कई बार ठग खुद को खरीदार, विक्रेता या कस्टमर केयर कर्मचारी बताकर आपके फोन पर UPI कलेक्ट रिक्वेस्ट भेजते हैं और कहते हैं कि पैसे पाने के लिए UPI PIN डालें। जबकि सच यह है कि UPI PIN डालने का मतलब पैसे प्राप्त करना नहीं, बल्कि अपने खाते से पैसे भेजने की मंजूरी देना होता है। इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि UPI से पैसे लेने के लिए कभी भी PIN डालने की जरूरत नहीं होती।

रिमोट एक्सेस ऐप से फोन पर करते है कब्जा

कुछ ठग बैंकिंग समस्या, रिफंड या टेक्निकल हेल्प का बहाना बनाकर लोगों से स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करवा लेते हैं। रिमोट एक्सेस ऐप के जरिए ठग आपकी मोबाइल स्क्रीन देख सकते हैं और फोन पर कंट्रोल भी कर सकते हैं। इसके बाद वे बैंकिंग पासवर्ड, OTP और अन्य जानकारियां देख कर ठगी करते हैं। बैंक कभी भी ऐसे ऐप डाउनलोड करने के लिए नहीं कहता।

फर्जी कस्टमर केयर बनकर करते हैं ठगी

कई ठग बैंक या वित्तीय सेवाओं के नाम पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर और सोशल मीडिया अकाउंट चलाते हैं। लोग इंटरनेट पर नंबर खोजकर उनसे संपर्क कर लेते हैं। इसके बाद उनसे OTP, कार्ड की जानकारी या मोबाइल का एक्सेस मांगा जाता है। ऐसे जाल से बचने का एक ही तरीका है, केवल बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट और मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करना।

SIM स्वैप का खतरा

SIM स्वैप फ्रॉड का एक ऐसा तरीका है, जिसमें ठग आपके मोबाइल नंबर का नया SIM जारी करवा लेते हैं। इसके बाद बैंक से जुड़े OTP और मैसेज उनके मोबाइल पर आने लगते हैं। ऐसे में इससे बचने के लिए ध्यान रखना चाहिए कि अगर अचानक मोबाइल नेटवर्क बंद हो जाए और मेल या किस अन्य माध्यम से बैंक के अलर्ट मैसेज आने लगे तो तुरंत बैंक से संपर्क करके इसकी जानकारी देनी चाहिए।

ऐसे रखें अपने पैसे सुरक्षित

ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड से बचने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप किसी के भी साथ OTP, UPI PIN, पासवर्ड या कार्ड की जानकारी साझा न करें। बैंकिंग ऐप हमेशा आधिकारिक स्रोत से ही डाउनलोड करें और खाते से जुड़े सभी नोटिफिकेशन पर नजर रखें। मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें। यदि किसी तरह की धोखाधड़ी का संदेह हो, तो तुरंत बैंक को सूचना दें और शिकायत दर्ज कराएं।

Published on:
27 Jun 2026 01:42 pm