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SIP Calculator: 10,000 और 20,000 रुपये की मंथली एसआईपी से कितने साल में बनेगा 1 करोड़ का फंड, समझिए कैलकुलेशन

Investment Scheme: लॉन्ग टर्म में निवेश के लिए SIP एक अच्छा ऑप्शन है। इससे कम राशि में भी कंपाउंडिग की मदद से करोड़पति बना जा सकता है। इसमें सालाना करीब 12 फीसदी का ब्याज मिलता है, जो किसी भी बैंक सेविंग स्कीम से बेहतर है।
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Best Saving Scheme For Long Term Investment

Long Term Investment: SIP लंबी अवधि में ज्यादा रिटर्न पाने के लिए अच्छी स्कीम है। (फोटो: Freepik)

Best Saving Scheme: अगर आप हर महीने एक तय रकम की बचत कर उसे म्यूचुअल फंड SIP में लगाते हैं, तो इस पर लॉन्ग टर्म में कंपाउंडिग का काफी अच्छा फायदा मिलता है। आप मासिक रूप से फिक्स अमाउंट जमा करके करीब 16 साल में 1 करोड़ से ज्यादा का फंड तैयार कर सकते हैं। इसके लिए सबसे जरूरी है कि निवेश नियमित रूप से किया जाए और उसे लंबा समय दिया जाए। निवेश से ज्यादा, समय और कंपाउंडिंग की ताकत से यहां बड़ा फंड तैयार होता है।

क्या है SIP और कैसे करती है काम

SIP म्यूचुअल फंड में निवेश का ऐसा तरीका है, जिसमें निवेशक हर महीने एक तय रकम निवेश करता है। एकमुश्त पैसा लगाने के बजाय हर महीने निवेश होने से शेयर मार्केट के उतार-चढ़ाव के कारण यूनिट कम-ज्यादा होती रहती है। इससे बाजार में उतार-चढ़ाव का असर कुछ हद तक कम हो सकता है।

20,000 रुपये की SIP का पूरा हिसाब

अगर कोई निवेशक हर महीने 20,000 रुपये की SIP करता है और उसे औसतन 12 फीसदी सालाना रिटर्न मिलता है, तो 16 साल में उसका कुल निवेश 38.40 लाख रुपये होगा। इस दौरान अनुमानित रिटर्न करीब 70.76 लाख रुपये हो सकता है। इस तरह मैच्योरिटी पर कुल फंड लगभग 1.09 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

10,000 रुपये की SIP से कब बनेंगे 1 करोड़

अगर हर महीने सिर्फ 10,000 की SIP की जाए और औसतन 12 फीसदी सालाना रिटर्न मिले, तो 1 करोड़ का फंड बनाने में करीब 21 साल लग सकते हैं। इस दौरान कुल निवेश 25.20 लाख होगा, जबकि अनुमानित रिटर्न करीब 79.10 लाख रहेगा। यानी कम रकम से भी 1 करोड़ का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए निवेश को ज्यादा समय देना होगा।

जल्दी शुरुआत करने का फायदा

इस उदाहरण से स्पष्ट है कि बड़ी रकम निवेश करना ही जरूरी नहीं है, बल्कि असली फायदा निवेश को ज्यादा समय देने से मिलता है। अगर निवेश शुरू करने में कुछ साल की देरी हो जाती है, तो 1 करोड़ का लक्ष्य हासिल करने में भी ज्यादा समय लग सकता है। इसलिए जितनी जल्दी SIP शुरू की जाए, कंपाउंडिंग को उतना ही अधिक समय मिलता है और लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार होने की संभावना बढ़ जाती है।