
Credit Card Loan पर ब्याज दर काफी अधिक होती है। (PC: AI)
Personal Loan Vs Credit Card: जब बचत कम पड़ जाती है या इंमरजेंसी फंड कम होता है तो लोग अक्सर पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड का सहारा लेते हैं। इन दोनों से ही अचानक आए खर्च जैसे कि अस्पताल का खर्च, कार की रिपेयरिंग या किसी और स्थिति में तुरंत पैसा मिल जाता है। लेकिन दोनों का इस्तेमाल अलग-अलग जरूरतों के लिए होता है। अगर सही विकल्प नहीं चुना गया तो बाद में ब्याज और दूसरे चार्जेज की वजह से काफी ज्यादा खर्च उठाना पड़ सकता है। इस एक्स्ट्रा खर्च से आने वाले महीनों की बचत पर भी असर पड़ता है।
पर्सनल लोन में बैंक या कोई वित्तीय संस्थान एकमुश्त रकम देती है, जिसे हर महीने ईएमआई के जरिए चुकाना होता है। इस पर लगने वाली ब्याज दर पहले से तय होती है। वहीं, क्रेडिट कार्ड में एक तय क्रेडिट लिमिट मिलती है, जिसका जरूरत पड़ने पर कभी भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यदि तय तारीख तक पूरा बकाया चुका दिया जाए तो ब्याज भी नहीं देना पड़ता।
पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड पर ब्याज दर हर बैंक के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। लेकिन क्रेडिट कार्ड का सबसे बड़ा जोखिम तब होता है, जब समय पर भुगतान न किया गया हो। ऐसे में बकाया राशि पर 3 से 5 फीसदी प्रतिमाह की दर से ब्याज लगता है, यानी कि सालाना 36 से 48 फीसदी का ब्याज। इसके साथ ही 15 से 30 फीसदी तक लेट फीस भी लगती है। इसकी तुलना में पर्सनल लोन की ब्याज दर कम होती है।
| बैंक | ब्याज दर (प्रतिवर्ष) | प्रोसेसिंग फीस |
|---|---|---|
| फेडरल बैंक | 11.75% से 18.99% | लोन राशि का 3% तक |
| बैंक ऑफ बड़ौदा | 10.15% से 18.00% | लोन राशि का 2% तक (अधिकतम ₹10,000) |
| पंजाब नेशनल बैंक | 10.25% से 16.80% | लोन राशि का 1% तक |
| बैंक ऑफ इंडिया | 10.85% से 16.15% | लोन राशि का 1% तक (न्यूनतम ₹250, अधिकतम ₹15,000) |
| स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) | 10.00% से 15.00% | लोन राशि का 1.50% तक (₹1,000 से ₹15,000) |
| केनरा बैंक | 9.70% से 15.15% | लोन राशि का 0.25% (₹500–₹2,500) |
| यूनियन बैंक ऑफ इंडिया | 8.90% से 12.65% | लोन राशि का 1% तक (अधिकतम ₹7,500) |
अगर अचानक कुछ लाख रुपये की जरूरत पड़ जाए, जैसे किसी मेडिकल इमरजेंसी में, तो पर्सनल लोन ज्यादा बेहतर विकल्प माना जा सकता है। भले ही क्रेडिट कार्ड की लिमिट इतनी हो कि पूरा खर्च निकल जाए, लेकिन कई महीनों तक बकाया रहने पर उस पर लगने वाला ब्याज काफी अधिक हो सकता है। पर्सनल लोन में तय ईएमआई और निश्चित अवधि होने से भुगतान करना आसान रहता है।
अगर किसी जरूरी काम के लिए 20,000 रुपये जैसी छोटी राशि चाहिए और अगले वेतन मिलने पर पूरा भुगतान किया जा सकता है, तो क्रेडिट कार्ड अधिक सुविधाजनक विकल्प हो सकता है। इसमें अलग से लोन लेने की प्रक्रिया नहीं होती, पैसा तुरंत मिल हो जाता है और समय पर भुगतान करने पर अतिरिक्त ब्याज भी नहीं देना पड़ता। हालांकि, इसका फायदा तभी है, जब पूरा बकाया समय पर चुका दिया जाए।
Updated on:
27 Jun 2026 04:01 pm
Published on:
28 Jun 2026 10:00 am
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