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Credit Card Loan कैसे काम करता है, क्या यह पर्सनल लोन से बेहतर है? जानिए फायदे-नुकसान

Credit Card Loan vs Personal Loan: क्रेडिट कार्ड लोन लेना आसान है, लेकिन इसकी ब्याज दर ज्यादा होती है। साथ ही EMI चूकने पर क्रेडिट स्कोर गिरता है। ऐसे में कई बार पर्सनल लोन लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।

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Credit card risks must know

Credit Card से लोन लेना आसान है, लेकिन इसके कुछ रिस्क भी हैं। (PC: Freepik)

Credit Card Loan Risks: क्रेडिट कार्ड लोन आज के दौर में सबसे तेज और आसान फाइनेंसिंग ऑप्शन बन चुका है। मेडिकल इमरजेंसी जैसा अचानक कोई बड़ा खर्च आ जाए या घर का कोई जरूरी महंगा सामान खरीदना हो, तो ऐसे में क्रेडिट कार्ड होल्डर को तुरंत लोन मिल जाता है। यह लोन लेना काफी आसान है, लेकिन इसके साथ कुछ बड़े रिस्क भी जुड़े हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।

क्रेडिट कार्ड लोन होता क्या है?

यह सामान्य क्रेडिट कार्ड खर्च से अलग है। आम खर्च में आप हर महीने बिल चुकाते हैं, जबकि यह एक अलग लोन अकाउंट की तरह काम करता है। यह एक प्री-अप्रूव्ड लोन फैसिलिटी है जो क्रेडिट कार्ड कंपनियां अपने पात्र कार्ड होल्डर्स को देती हैं। इसके लिए कोई कोलेटरल, दस्तावेज या लंबा एप्लिकेशन फॉर्म नहीं चाहिए। लोन की रकम कार्ड होल्डर की उपलब्ध क्रेडिट लिमिट, क्रेडिट स्कोर और रीपेमेंट कैपेसिटी के आधार पर तय होती है। यह लोन एकमुश्त रकम के रूप में मिलता है और फिक्स्ड EMI में चुकाया जाता है।

क्या हैं इसके फायदे?

क्रेडिट कार्ड लोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी स्पीड है। अप्रूवल लगभग तुरंत मिलता है और रकम सीधे बैंक या कार्ड अकाउंट में आ जाती है। डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म के जरिए घर बैठे आवेदन होता है। समय पर EMI भरने से क्रेडिट स्कोर भी अच्छा बना रहता है।

क्रेडिट कार्ड लोन में क्या हैं जोखिम

  • पहला, ब्याज दर ज्यादा होती है। सामान्य पर्सनल लोन के मुकाबले क्रेडिट कार्ड लोन पर ब्याज दर काफी ज्यादा होती है। सही तरीके से मैनेज न किया जाए तो ब्याज का बोझ तेजी से बढ़ता है।
  • दूसरा, क्रेडिट लिमिट घट जाती है। आपको देने वाली लोन की रकम आपकी क्रेडिट लिमिट से जुड़ी होती है, इसलिए लोन लेने के बाद कार्ड से भविष्य की खरीदारी मुश्किल हो सकती है।
  • तीसरा, इससे कर्ज का जाल बढ़ता है। क्योंकि आसान पैसा मिलने की सुविधा कई बार जरूरत से ज्यादा उधार लेने की आदत बना देती है। इससे एक साथ कई लोन मैनेज करना मुश्किल हो जाता है।
  • चौथा, EMI चूकने पर क्रेडिट स्कोर गिरता है। एक भी EMI देर से भरी तो क्रेडिट प्रोफाइल महीनों तक खराब रह सकती है और बाद में दोबारा लोन लेने में कठिनाई होती है।
  • पांचवां, देरी से भुगतान करने पर पेनल्टी और एक्स्ट्रा चार्ज लगते हैं। ऐसे में लेट पेमेंट फीस और अन्य चार्जेस लोन का बोझ अचानक बढ़ा देते हैं।

क्या पर्सनल लोन बेहतर होता है?

पैरामीटरक्रेडिट कार्ड लोनपर्सनल लोन
ब्याज दर (Interest Rate Range)12%–36% प्रति वर्ष10%–24% प्रति वर्ष
लोन राशि (Loan Amount)आमतौर पर ₹5 लाख तक या उपलब्ध क्रेडिट लिमिट तक₹20–35 लाख तक या उससे अधिक
स्वीकृति समय (Approval Time)तुरंत से लेकर कुछ घंटों तककुछ घंटों से लेकर कुछ दिनों तक
अवधि (Tenure)6–48 महीने12–60 महीने या उससे अधिक
किसके लिए बेहतर (Best For)अल्पकालिक और तत्काल फंड की जरूरतबड़ी और पहले से योजनाबद्ध खर्चों के लिए

कई बार पर्सनल लोन क्रेडिट कार्ड लोन से बेहतर हो सकता है। क्योंकि इसमें लोन के लिए बड़ी रकम अप्रूव हो सकती है। साथ ही ब्याज दर क्रेडिट कार्ड लोन से कम होती है। किसी भी लोन का फैसला करने से पहले सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लेनी चाहिए।