Mutual Fund Investment Tips: SIP के जरिए सुरक्षित और बड़ा फंड बनाने के लिए 7-5-3-1 का नियम खास है। इसके जरिए निवेश अवधि, पैटर्न, निवेशक के व्यवहार को बताया गया है। इसके जरिए SIP से लॉन्ग टर्म में वेल्थ क्रिएट की जा सकती है।
Financial Planning: शेयर बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव से बचने और ज्यादा रिटर्न पाने के लिए निवेशक अक्सर सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) में निवेश की योजना बनाते हैं। लेकिन SIP में ज्यादा रिटर्न पाने के लिए भी एक फाइनेंशियल फॉर्मूले की जरूरत होती है। यह फॉर्मूला बताता है कि कैसे आप बिना किसी टेंशन के SIP के जरिए लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार कर सकते हैं। इस फॉर्मूले का नाम 7-5-3-1 रूल है। एक्सपर्ट्स इस फॉर्मूले को लॉन्ग टर्म में वैल्थ क्रिएशन का सबसे अच्छा तरीका बताते हैं।
SIP का पहला और सबसे जरूरी नियम है कि आपको कम से कम 7 साल या उससे अधिक समय के लिए निवेश करना चाहिए। छोटे समय यानी 1 से 3 साल के लिए निवेश करने पर बाजार गिरने पर नुकसान स्पष्ट दिख सकता है, लेकिन 7 से 10 साल में कंपाउंडिंग (ब्याज पर ब्याज) मिलने का फायदा बाजार की गिरावट से होने वाले नुकसान को खत्म कर देता है।
उदाहरण के लिए: अगर आप 10,000 रुपये महीना 5 साल के लिए जमा करते हैं तो 12 फीसदी रिटर्न के हिसाब से करीब 8 लाख रुपये का फंड बनेगा। वहीं अगर यह अवधि बढ़ाकर 10 साल कर दी जाए तो यह फंड करीब 23 लाख रुपये का बनेगा।
इस SIP का दूसरा अहम नियम है निवेश का पूरा पैसा एक ही जगह लगाने की बजाय इसे 5 अलग-अलग हिस्सों में बांटकर लगाया जाए। यहां उन 5 अलग-अलग हिस्सों के बारे में बताया गया है-
अक्सर लोग बाजार देखकर घबरा जाते हैं। फाइनेंशियल प्लानर पूनम रुंगटा के मुताबिक, SIP की सफलता आपके बर्ताव पर टिकी है। इसके लिए 3 नियमों का हमेशा ध्यान रखना चाहिए। पहला है जब बाजार बहुत ऊपर हो तो लालच में आकर अंधाधुंध पैसा नहीं लगाना चाहिए। दूसरा जब बाजार नीचे गिरे तो डर के कारण अपना निवेश बंद नहीं करना चाहिए। तीसरा है बाजार के उतार-चढ़ाव पर ध्यान न देकर सिर्फ लगातार निवेश पर ध्यान देना चाहिए। क्योंकि गिरावट के समय में ज्यादा यूनिट्स मिलती है, जो आगे जाकर बड़ा फायदा कराती है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाजार कब ऊपर जाएगा या कब नीचे, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। इसलिए मार्केट टाइमिंग के चक्कर में पड़ने के बजाय बस इस बात पर ध्यान देना है कि लगातार निवेश करना है, यही SIP का मूल सिद्धांत है। इसी आधार पर बाजार में चाहे मंदी हो या तेजी लॉन्ग टर्म में SIP से बेहतरीन रिटर्न मिलता है।