
International Mutual Funds: निवेश के लिए लोगों के पास बहुत से ऑप्शन होते हैं। इन्हीं में से एक है इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड। पिछले एक साल में 6 इंटरनेशनल म्यूचुल फंड्स ने निवेशकों को बेहतरीन रिटर्न दिया है। इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड्स ने एकमुश्त निवेश में 197 फीसदी तक और SIP निवेश में 245 फीसदी तक का शानदार रिटर्न दिया है। आइए जानते है कि किन फंड्स ने सबसे बेहतर परफॉर्म किया और एक साल में निवेश कितना बढ़ा।
वैल्यू रिसर्च (Value Research) के डेटा के मुताबिक, 6 ऐसे इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड हैं, जिन्होंने निवेशकों द्वारा लगाई गई रकम करीब तीन गुना कर दी। इनमें सबसे ज्यादा रिटर्न निप्पॉन इंडिया ताइवान इक्विटी फंड ने दिया। इसके अलावा इस लिस्ट में फ्रैंकलिन एशियन इक्विटी फंड और निप्पॉन इंडिया जापान इक्विटी फंड जैसे नाम भी शामिल हैं।
| फंड का नाम | एकमुश्त निवेश पर 1 साल का रिटर्न | SIP से निवेश पर 1 साल का रिटर्न |
|---|---|---|
| निप्पॉन इंडिया ताइवान इक्विटी फंड | 196.78% | 245.57% |
| फ्रैंकलिन एशियन इक्विटी फंड | 51.53% | 57.94% |
| निप्पॉन इंडिया जापान इक्विटी फंड | 37.10% | 39.18% |
| आदित्य बिड़ला सन लाइफ इंटरनेशनल इक्विटी फंड | 32.43% | 31.94% |
| आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल यूएस ब्लूचिप इक्विटी फंड | 21.43% | 14.40% |
| निप्पॉन इंडिया यूएस इक्विटी ऑपर्च्युनिटीज फंड | 16.72% | 17.02% |
1 लाख रुपये के एकमुश्त निवेश को निप्पॉन इंडिया ताइवान इक्विटी फंड ने 1 साल में 2,96,780 रुपये बना दिया। इस शानदार रिटर्न के पीछे ताइवान की टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में आई तेजी प्रमुख कारण रही। वहीं, फ्रैंकलिन एशियन इक्विटी फंड ने 51 फीसदी के रिटर्न के हिसाब से 1 लाख रुपये को 1,51,530 रुपये बना दिया
| फंड का नाम | 1 लाख रुपये का निवेश 1 साल में कितना हुआ |
|---|---|
| निप्पॉन इंडिया ताइवान इक्विटी फंड | ₹2,96,780 |
| फ्रैंकलिन एशियन इक्विटी फंड | ₹1,51,530 |
| निप्पॉन इंडिया जापान इक्विटी फंड | ₹1,37,100 |
| आदित्य बिड़ला सन लाइफ इंटरनेशनल इक्विटी फंड | ₹1,32,430 |
| आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल यूएस ब्लूचिप इक्विटी फंड | ₹1,21,430 |
| निप्पॉन इंडिया यूएस इक्विटी ऑपर्च्युनिटीज फंड | ₹1,16,720 |
बात करें इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड के जरिए SIP निवेश की तो हर महीने 10,000 रुपये के निवेश पर 1 साल में लगाई गई रकम 4,14,684 रुपये तक बन गई। इसमें भी सबसे ज्यादा रिटर्न निप्पॉन इंडिया ताइवान इक्विटी फंड ने दिया।
| फंड का नाम | कुल निवेश (1 साल तक ₹10,000 मासिक SIP) | 1 वर्ष बाद निवेश की वैल्यू |
|---|---|---|
| निप्पॉन इंडिया ताइवान इक्विटी फंड | ₹1,20,000 | ₹4,14,684 |
| फ्रैंकलिन एशियन इक्विटी फंड | ₹1,20,000 | ₹1,89,528 |
| निप्पॉन इंडिया जापान इक्विटी फंड | ₹1,20,000 | ₹1,67,016 |
| आदित्य बिड़ला सन लाइफ इंटरनेशनल इक्विटी फंड | ₹1,20,000 | ₹1,58,328 |
| आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल यूएस ब्लूचिप इक्विटी फंड | ₹1,20,000 | ₹1,37,280 |
| निप्पॉन इंडिया यूएस इक्विटी ऑपर्च्युनिटीज फंड | ₹1,20,000 | ₹1,40,424 |
वैल्यू रिसर्च के मुताबिक, इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड में निवेश को लेकर एक जरूरी बात यह है कि विदेशी निवेश की नियामकीय सीमाओं (Overseas Investment Limits) के कारण अधिकांश इंटरनेशनल फंड फिलहाल नए निवेश स्वीकार नहीं कर रहे हैं। पिछले कुछ हफ्तों से कई फंड हाउसों ने नया निवेश लेना बंद कर दिया है। क्योंकि वे सेबी की लिमिट को पार कर गए हैं। सेबी के अनुसार, भारतीय म्यूचुअल फंड विदेशी स्टॉक और सिक्योरिटीज में अधिकतम 7 अरब डॉलर तक का ही निवेश कर सकते हैं। बाजार में 66 इंटरनेशनल म्यूचुअल फंड (एक्टिव और पैसिव दोनों) मौजूद हैं। इनमें से केवल 6 एक्टिव इंटरनेशनल फंड्स ने एक साल के आधार पर शानदार प्रदर्शन किया है।