
Husband-Wife Founders: भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में कई ऐसे हसबैंड एंड वाइफ फाउंडर्स हैं, जिन्होंने अपने आइडियाज को बड़े कारोबार में बदल दिया। परिवार और कारोबार दोनों को साथ लेकर चलने वाले इन हसबैंड एंड वाइफ फाउंडर्स ने अपने आइडिया को हजारों करोड़ रुपये के सफल ब्रांड्स में बदला है। मामाअर्थ, शुगर कॉस्मेटिक्स, मोबिक्विक, चुंबक और कैशकरो जैसे ब्रांड्स इस बात का उदाहरण हैं कि सही सोच, मेहनत और लगन के दम पर एक बड़ी कंपनी खड़ी की जा सकती है। आज ये कंपनियां अपने-अपने क्षेत्र में मजबूत पहचान बना चुकी हैं और करोड़ों ग्राहकों तक पहुंच बना चुकी हैं। आइए इनके बारे में जानते हैं।
कॉस्मेटिक प्रोडक्ट ब्रांड मामाअर्थ की मूल कंपनी होनासा कंज्यूमर लिमिटेड है, जिसकी स्थापना साल 2016 में गजल और वरुण अलघ ने की थी। अपने बेटे की स्कीन प्रॉब्लम के बाद गजल को भारत में सुरक्षित और केमिकल-फ्री बेबी प्रोडक्ट्स की कमी महसूस हुई। इसी व्यक्तिगत अनुभव ने बिजनेस आइडिया का रूप लिया। प्राकृतिक उत्पादों के दम पर केमिकल-फ्री प्रोडक्ट्स बनाए। इसके बाद ब्रांड तेजी से बढ़ा और आज मामाअर्थ भारत के सबसे बड़े D2C ब्यूटी एवं पर्सनल केयर ब्रांड्स में शामिल है। होनासा कंज्यूमर लिमिटेड का मार्केट कैप 13,000 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया है।
स्वाति और रोहन भार्गव ने साल 2013 में कैशकरो (CashKaro) की स्थापना की थी। हनीमून टिकट बुकिंग के दौरान कैशबैक से मिलने वाली बचत ने उन्हें इस मॉडल को भारत में भी लागू करने का आइडिया दिया। इसमें सबसे बड़ी चुनौती लोगों और दूसरे ब्रांड्स को कैशबैक मॉडल समझाना था कि यह कैसे काम करता है। लेकिन कंपनी ने धीरे-धीरे बड़ा यूजर बेस बनाया और आज यह देश के प्रमुख रिवॉर्ड्स एवं कैशबैक प्लेटफॉर्म्स में गिनी जाती है।
विवेक और शुभ्रा प्रभाकर ने साल 2010 में चुंबक की शुरुआत की थी। यह एक लाइफस्टाइल ब्रांड है, जो भारतीय संस्कृति और कला से प्रेरित होकर अनोखे गिफ्ट आइटम बनाता है। दोनों को यह आइडिया तब आया जब उन्हें लगा कि भारत में मिलने वाले पारंपरिक स्मृति-चिह्न (गिफ्ट) आधुनिक उपभोक्ताओं की पसंद से मेल नहीं खाते। इसके बाद उन्होंने रंगीन और भारतीय डिजाइन से प्रेरित उत्पादों का ब्रांड बनाया, जो आज होम डेकोर, लाइफस्टाइल और एक्सेसरीज सेगमेंट में लोकप्रिय नाम बन चुका है।
बिपिन प्रीत सिंह और उपासना टाकू ने 2009 में मोबिक्विक डिजिटल वॉलेट पेमेंट की शुरुआत की। इसके बाद कंपनी ने रफ्तार पकड़ी और डिजिटल वॉलेट से शुरु हुई कंपनी अब पेमेंट्स, क्रेडिट और निवेश जैसी सेवाएं प्रदान कर रही है। मोबिक्विक की मूल कंपनी वन मोबिक्विक सिस्टम्स का मार्केट कैप इस समय 1562.01 करोड़ रुपये है। इसके करीब 186.6 मिलियन से ज्यादा यूजर्स और 4.79 मिलियन से ज्यादा मर्चेंट्स अकाउंट है, जिसके दम पर यह भारत की प्रमुख फिनटेक कंपनियों में शामिल है।
विनीता सिंह और कौशिक मुखर्जी ने साल 2010 में एक फैशन ई-कॉमर्स कंपनी शुरू की, लेकिन फंडिंग और अनुभव की कमी के कारण यह सफल नहीं हो सकी। इसके बाद 2011 में उन्होंने एक कंसल्टिंग फर्म शुरू की, लेकिन ग्राहक न मिलने की वजह से यह कारोबार भी बंद करना पड़ा। लगातार दो असफलताओं के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। साल 2012 में दोनों ने शुगर कॉस्मेटिक्स की शुरुआत की। शुरुआत में विनीता ने अपनी बचत और पिता से कर्ज लेकर बिजनेस शुरू किया था। 2020 तक शुगर कॉस्मेटिक्स भारत के लोकप्रिय ब्यूटी ब्रांड्स में शामिल हो चुकी थी। इसी साल कंपनी ने दुबई में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय स्टोर भी शुरू किया। 2022 में शुगर एशिया की प्रमुख कॉस्मेटिक कंपनियों में शामिल हो गई। इसकी ब्रांड वैल्यू लगभग 1,640 करोड़ रुपये है।