
Stock Market Prediction Today: अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Fed) ने अपनी जून 2026 की बैठक में ब्याज दरों को बिना किसी बदलाव के बरकरार रखा है। यह फैसला बाजार की उम्मीदों के अनुसार रहा, लेकिन बैठक के बाद जारी संकेतों ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। फेड के नए प्रमुख केविन वार्श की अध्यक्षता में हुई पहली नीति बैठक में यह स्पष्ट हुआ कि केंद्रीय बैंक अभी महंगाई और आर्थिक वृद्धि के आंकड़ों का इंतजार करना चाहता है। वहीं, भारतीय शेयर बाजार के गुरुवार को सुस्त शुरुआत के संकेत है।
फेड द्वारा ब्याज दरें स्थिर रखने के बावजूद साल के अंत तक दरें बढ़ाने के संकेत को बाजार हॉकिश रुख के रूप में देख रहा है। जब अमेरिका में ब्याज दरें ऊंची रहने की संभावना बनती है, तो वैश्विक निवेशक सुरक्षित और अधिक रिटर्न वाले अमेरिकी बॉन्ड की ओर आकर्षित होते हैं। इसका असर उभरते बाजारों, विशेषकर भारत जैसे देशों में विदेशी निवेश प्रवाह पर पड़ सकता है। यदि विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकालते हैं, तो शेयर बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है। डॉलर की मजबूती और वैश्विक पूंजी प्रवाह में बदलाव भी निवेशकों की रणनीति को प्रभावित कर सकता है।
भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में बढ़त दर्ज की। निफ्टी 50 ने 24,000 के ऊपर बंद होकर पॉजिटीन साइन दिए, जबकि सेंसेक्स 77,155 अंक पर पहुंच गया। टेक्नीकल एक्सपर्ट्स के अनुसार निफ्टी के लिए 24,100 से 24,200 का स्तर प्रमुख रेजिस्टेंस क्षेत्र बना हुआ है। वहीं, सेंसेक्स के लिए 77,000 सपोर्ट लेवल माना जा रहा है। इसके ऊपर बने रहने पर 77,800 तक की तेजी संभव है।
गिफ्ट निफ्टी के संकेत बताते हैं कि गुरुवार को भारतीय बाजार की शुरुआत सुस्त रह सकती है। एक ओर अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर पॉजिटीव माहौल है, वहीं दूसरी ओर फेड की सख्त नीति निवेशकों को सतर्क बनाए हुए है। ऐसे में बाजार में सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिल सकता है। निवेशकों की नजर अब वैश्विक आर्थिक आंकड़ों, विदेशी निवेश प्रवाह और अमेरिकी केंद्रीय बैंक के अगले संकेतों पर बनी रहेगी।