
Swiggy Q1 Results: फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनी स्विगी (Swiggy) को अप्रैल-जून तिमाही में फिर घाटा हुआ है। इससे कंपनी के शेयर में आज शुरुआती कारोबार में 4 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। कमजोर तिमाही नतीजों के बाद कई बड़े ब्रोकरेज हाउस सतर्क हो गए हैं। उन्होंने रेटिंग और टार्गेट प्राइस घटाए हैं। 6 ब्रोकरेज फर्म्स में से 2 ने शेयर पर होल्ड रेटिंग दी है। वहीं, 1 ने सेल रेटिंग और 1 ने बाय रेटिंग दी है।
स्विगी को पहली तिमाही में 791 करोड़ रुपए का घाटा हुआ, जबकि EBITDA घाटा 650 करोड़ रुपए रहा। कंपनी के फूड डिलीवरी कारोबार का ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू (GOV) पिछले साल की तुलना में 17.4 प्रतिशत बढ़ा, जो ब्रोकरेज फर्मों के अनुमान 18-19 प्रतिशत से कम है। वहीं, क्विक कॉमर्स सर्विस इंस्टामार्ट का नेट ऑर्डर वैल्यू 38.9 प्रतिशत बढ़ा, जबकि अनुमान 40 से 50 प्रतिशत बढ़ोतरी का था।
आज सुबह 9 बजकर 45 मिनट पर स्विगी का शेयर 4.47 फीसदी या 13.23 रुपये की गिरावट के साथ 280.20 रुपये रह गया। इस शेयर ने पिछले 1 सप्ताह में 15.79 फीसदी, 1 महीने में 21.63 फीसदी और 1 साल में -27.90 फीसदी का रिटर्न दिया है।
| ब्रोकरेज फर्म | मौजूदा रेटिंग | मौजूदा टार्गेट प्राइस |
|---|---|---|
| CLSA | होल्ड (Hold) | ₹318 |
| Macquarie | अंडरपरफॉर्म (Underperform) | ₹230 |
| HSBC | होल्ड (Hold) | ₹300 |
| Morgan Stanley | इक्वलवेट (Equal Weight) | ₹322 |
| Nomura | बाय (Buy) | ₹435 |
| JM Financial | सेल (Sell) | ₹250 |
CLSA का कहना है कि स्विगी की रणनीति में हो रहे बदलाव निवेशकों के साथ-साथ ग्राहकों के लिए भी उलझन भरे हैं, इसलिए फर्म ने शेयर पर 'एक्युमुलेट' रेटिंग से घटाकर 'होल्ड' कर दी है। साथ ही टार्गेट प्राइस को 357 से घटाकर 318 कर दिया है। मैक्वेरी (Macquarie) ने 'अंडरपरफॉर्म' रेटिंग बरकरार रखी है। उसका कहना है कि डार्क स्टोर की क्षमता और मासिक ग्राहकों की संख्या में कोई सुधार नहीं दिखा। HSBC और मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) ने भी 'होल्ड' रेटिंग दी है। HSBC के मुताबिक स्विगी की वैल्यूएशन ज्यादा नहीं है, इसलिए कंपनी को काम करने के तरीके में सुधार करना होगा। दूसरी तरफ JM Financial ने स्विगी की रेटिंग को पहले की 'रेड्यूस' रेटिंग से घटाकर 'सेल' कर दिया है, साथ ही टार्गेट प्राइस को भी घटाया है।
इन सबके उलट ब्रोकरेज हाउस नोमुरा (Nomura) ने स्विगी पर 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है। नोमुरा के मुताबिक कंपनी के पास 14,300 करोड़ रुपए का कैश बैलेंस है, जिससे वह इंटामार्ट के घाटे को आसानी से संभाल सकती है। लेकिन साथ ही फर्म ने यह भी कहा कि इंटामार्ट का यह घाटा अगले साल भी जारी रहेगा।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)