
Vedanta Group Share Price Today: वेदांता लिमिटेड के सभी शेयरों में बुधवार को गिरावट देखने को मिली है। वेदांता ग्रुप के डिमर्जर के बाद बनी कंपनी वेदांता ऑयल एंड गैस के शेयर में 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली। ऐसा इसलिए क्योंकि कंपनी ने दो अलग-अलग कानूनी मामलों की जानकारी दी है। एक मामला केंद्र सरकार के हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय (DGH) से जुड़ा है, जबकि दूसरा ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) के साथ चल रहे विवाद का है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि वह दोनों मामलों में कानूनी तरीके से अपना पक्ष रख रही है। इसी बीच, कंपनी को राहत देते हुए CRISIL ने उसकी लॉन्ग टर्म क्रेडिट रेटिंग बढ़ा दी है।
कारोबारी सत्र के दौरान कंपनी का शेयर दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर 4.68 फीसदी या 1.63 रुपये की गिरावट के साथ 33.20 रुपये पर ट्रेड करता दिखा। वहीं, बात करें इसके रिटर्न की तो पिछले 1 हफ्ते में कंपनी ने -9.51 फीसदी और 1 महीने में -3.80 फीसदी का रिटर्न दिया है।
| शेयर का नाम | कारोबार के दौरान गिरावट (₹) | कारोबार के दौरान गिरावट (%) | 1 सप्ताह का रिटर्न | 1 महीने का रिटर्न |
|---|---|---|---|---|
| Vedanta Power Limited | ₹2.31 | 6.11% | -9.47% | -17.66% |
| Vedanta Oil and Gas Limited | ₹1.63 | 4.68% | -9.51% | -3.80% |
| Vedanta Iron and Steel Limited | ₹1.29 | 3.96% | -6.14% | +16.69% |
| Vedanta Aluminium Metal Limited | ₹10.75 | 2.43% | -4.21% | -9.99% |
| Vedanta Limited | ₹3.05 | 1.15% | +0.46% | -14.42% |
वेदांता ऑयल एंड गैस ने बताया कि DGH ने ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी (OALP) के तहत मिले चार ब्लॉकों से जुड़े मामले में डिमांड लेटर भेजे हैं। कुल दावा करीब 3.5 करोड़ डॉलर और उस पर ब्याज का है। वहीं, दूसरे मामले में ONGC ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक आर्बिट्रेशन अवॉर्ड को लागू कराने के लिए याचिका दायर की है। यह अवॉर्ड 31 जुलाई 2023 को हुए मध्यस्थता फैसले से जुड़ा है। 20 जुलाई की सुनवाई में दिल्ली हाईकोर्ट ने कंपनी को जवाब दाखिल करने के लिए नोटिस जारी किया है। फिलहाल अदालत ने कंपनी के खिलाफ कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया है।
इन कानूनी मामलों के बीच कंपनी के लिए एक पॉजिटिव खबर यह है कि CRISIL ने वेदांता ऑयल एंड गैस की लंबी अवधि की रेटिंग CRISIL A+/Watch Developing से बढ़ाकर CRISIL AA+/Stable कर दी है। रेटिंग एजेंसी के अनुसार, डीमर्जर के बाद कंपनी का कारोबार और वित्तीय स्थिति पहले से मजबूत हुई है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)