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Why Share Market Crash Today: एक ही झटके में 13 लाख करोड़ रुपये स्वाहा! इन 7 कारणों से आज शेयर बाजार हुआ है क्रैश

Why Share Market Down Today: ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध चौथे हफ्ते में पहुंच गया है और कूटनीतिक समाधान की कोई उम्मीद नहीं है। ऐसे में निवेशक जबरदस्त बिकवाली कर रहे हैं।
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Mar 23, 2026
Why Share Market Down Today
शेयर मार्केट क्रैश कर गया है। (PC: AI)

Why Share Market Down Today: भारतीय शेयर बाजार में आज जबरदस्त गिरावट देखी जा रही है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स आज 800 अंक की गिरावट के साथ 73,732 अंक पर खुला था। लेकिन बाजार खुलते ही धड़ाम हो गया। सोमवार दोपहर सेंसेक्स 2.32 फीसदी या 1730 अंक की गिरावट के साथ 72,802 पर ट्रेड करता दिखा। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी इस समय 2.44 फीसदी या 563 अंक की गिरावट के साथ 22,549 पर ट्रेड करता दिखा। बाजार में आज आई इस गिरावट से निवेशकों को 13 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। आइए जानते हैं कि आज की गिरावट के पीछे क्या कारण हैं।

ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध का तेज होना

ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच चल रहा युद्ध वीकेंड में और तेज हो गया। जहां एक तरफ देश एक दूसरे पर मिसाइलें दागते रहे, वहीं उनके टॉप लीडर्स की धमकियों ने संघर्ष के और बढ़ने की आशंका को बढ़ा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान के लिए सोमवार की समयसीमा तय की है और चेतावनी दी है कि अगर तेहरान 48 घंटों के भीतर होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह नहीं खोलता, तो अमेरिका ईरान के बिजली प्लांट्स पर हमला कर सकता है। इसके जवाब में ईरान ने कहा कि अगर अमेरिका ऐसा करता है तो वह खाड़ी क्षेत्र में एनर्जी और वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा। यह युद्ध अब चौथे सप्ताह में पहुंच गया है, जबकि कूटनीतिक समाधान की कोई उम्मीद नहीं दिख रही।

विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली

मिडिल ईस्ट में युद्ध के बाद से विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। शुक्रवार को लगातार 16वें दिन FIIs ने 5,518 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। एफआईआई की लगातार निकासी ने निवेशकों के भरोसे को कमजोर किया है।

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी

अमेरिका के 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 4.4% के पार पहुंच गए, जो लगभग एक साल का उच्चतम स्तर है। वहीं 2-वर्षीय यील्ड 3.93% तक पहुंच गई। बढ़ती बॉन्ड यील्ड से सरकारी प्रतिभूतियां आकर्षक हो जाती हैं, जिससे शेयर बाजार पर दबाव बढ़ता है।

औद्योगिक डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी

सरकारी तेल कंपनियों ने औद्योगिक डीजल की कीमतों में 25% यानी लगभग 22 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। हालांकि, खुदरा डीजल की कीमतें स्थिर हैं। यह बढ़ोतरी रेलवे, परिवहन, खनन, निर्माण, मैन्युफैक्चरिंग और टेलीकॉम जैसे क्षेत्रों को प्रभावित कर सकती है।

इन शेयरों में रही सबसे अधिक गिरावट

इन शेयरों में है सबसे अधिक तेजी

तेल की कीमतें 110 डॉलर के पार

ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड सोमवार सुबह 113 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। मिडिल ईस्ट में युद्ध शुरू होने के बाद से कीमतों में भारी बढ़ोतरी देखी गई है। होर्मुज स्ट्रेट करीब-करीब बंद है और दुनिया की 20% से अधिक तेल सप्लाई यहीं से गुजरती है। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमला करता है, तो वह इस मार्ग को अनिश्चित काल के लिए बंद कर सकता है।

रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर

भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर सोमवार को 93.84 के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर खुला। इससे पहले शुक्रवार को यह 93.7350 तक गिरा था। मिडिल ईस्ट में युद्ध के बाद से रुपया लगभग 3% कमजोर हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से भारत का आयात बिल बढ़ेगा और रुपये पर दबाव बना रहेगा। आने वाले समय में रुपया 93 से 94.25 के बीच कमजोर बना रह सकता है।

वैश्विक बाजारों में गिरावट

दुनिया भर के शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गई। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी 6% से अधिक गिरा, जापान का निक्केई 4% और हांगकांग का हैंग सेंग 3.5% गिर गया। वॉल स्ट्रीट भी शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुआ, जहां नैस्डैक 2% से ज्यादा गिरा और S&P 500 में 1.5% से ज्यादा गिरावट आई। यूरोप के बाजार भी 2% तक गिरे।

आगे क्या है उम्मीद?

मिडिल ईस्ट में युद्ध चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और इसके खत्म होने को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। अनिश्चितता बहुत अधिक है और बाजार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस संकट में सभी एसेट्स- शेयर, बॉन्ड और यहां तक कि सोना-चांदी भी प्रभावित हुए हैं। सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने में भी बड़ी गिरावट आई है। ऐसे समय में निवेशकों को घबराने की बजाय शांत रहना चाहिए। रुपये की कमजोरी से फार्मा, ऑटो और आईटी सेक्टर को फायदा मिल सकता है।

Updated on:
23 Mar 2026 02:59 pm
Published on:
23 Mar 2026 12:34 pm