चंडीगढ़ पंजाब

Punjab School Fee Bill: पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर बनेगा सख्त कानून

Punjab Private School Fee Regulation: पंजाब सरकार निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर नियंत्रण के लिए नया कानून बनाने की तैयारी कर रही है। सरकार ने फीस बढ़ाने की प्रक्रिया को नियमों के दायरे में लाने का फैसला किया है।
2 min read
Harjot Singh Bains
हरजोत सिंह बैंस। फोटो- आईएएनएस

चंडीगढ़। पंजाब के स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने शनिवार को कहा कि सरकार निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर स्थाई रोक लगाने के लिए राज्य विधानसभा के मानसून सत्र में 'पंजाब रेगुलेशन ऑफ फी ऑफ अनएडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) विधेयक-2026' पेश करेगी। बैंस ने कहा कि यह विधेयक 13 जुलाई 2026 से लागू अध्यादेश को स्थाई कानूनी स्वरूप देगा। इस कानून से राज्य के 7,800 से अधिक निजी स्कूलों में पढ़ने वाले 32 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को राहत मिलेगी।

लिखित अनुमति लेना अनिवार्य

पंजाब सरकार का दावा है कि यह देश के सबसे कड़े निजी स्कूल फीस नियमन कानूनों में से एक होगा। विधेयक के अनुसार कोई भी निजी स्कूल अपनी ओर से सालाना 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा। यदि इससे अधिक फीस बढ़ानी है तो संबंधित जिला नियामक प्राधिकरण से पूर्व लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। अनुमति स्कूल के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच के बाद ही दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्कूल ने पिछले तीन साल में कुल मिलाकर 15 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ायी है, तो अतिरिक्त वसूली गई राशि छात्रों और अभिभावकों को वापस करनी होगी।

ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना होगा रिकॉर्ड

सरकार ने स्पष्ट किया है कि फीस की सीमा तय करते समय सभी अनिवार्य शुल्कों को शामिल किया जायेगा, ताकि अलग-अलग मदों के नाम पर नियमों से बचा न जा सके। विधेयक के तहत प्रत्येक जिले में उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला नियामक निकाय गठित किया गया है। सभी निजी स्कूलों को पिछले चार साल का फीस रिकॉर्ड शिक्षा विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना होगा। नियामक निकाय शिकायत मिलने पर या स्वयं संज्ञान लेकर स्कूलों के खातों का फोरेंसिक ऑडिट भी करा सकेगा। अभिभावकों और विद्यार्थियों की शिकायतों का निर्धारित समय सीमा में निपटारा किया जाएगा।

सख्त दंड का प्रावधान

विधेयक में नियमों के उल्लंघन पर सख्त दंड का प्रावधान किया गया है। पहली बार उल्लंघन करने पर 50 हजार रुपए, दूसरी बार एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। लगातार नियम तोड़ने पर स्कूल की मान्यता या संबद्धता रद्द करने सहित अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जा सकेगी। बैंस ने बताया कि निजी स्कूलों से फीस संबंधी रिकॉर्ड एकत्र करने की प्रक्रिया जारी है और अब तक 6,500 से अधिक स्कूल अपना रिकॉर्ड जमा कर चुके हैं। जांच पूरी होने के बाद अधिक फीस वसूलने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अभिभावकों को धनवापसी के आदेश जारी किए जाएंगे। राज्य सरकार ने निजी स्कूल फीस नियमन के लिए देश के सबसे सख्त ढांचों में से एक तैयार किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा लाभ कमाने का व्यवसाय नहीं, बल्कि जनहित से जुड़ी सेवा है और सरकार छात्रों व अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

Updated on:
01 Aug 2026 05:20 pm
Published on:
01 Aug 2026 05:20 pm
Also Read
View All
Punjab Politics: क्या हाईकमान से नाराज चन्नी हैं? लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण के दौरान 7 में से 6 सांसद थे मौजूद

Punjab Election: पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले सियासी रंग में रंगी गुरु रविदास जयंती, दलित वोटों पर सभी दलों की नजर

Punjab Election: पंजाब कांग्रेस में सुलह की कोशिश तेज, चुनावी रणनीतिकार नरेश अरोड़ा को मिली बड़ी जिम्मेदारी

NET-JRF पास, साइंटिस्ट बनने का सपना… लेकिन करंट ने छीन ली जिंदगी, पंजाब यूनिवर्सिटी की रिसर्च स्कॉलर ज्योति के साथ क्या हुआ?

पेपर लीक पर पंजाब-हरियाणा में सियासी संग्राम, सैनी-सिसोदिया आमने-सामने; सोशल मीडिया पर छिड़ी जुबानी जंग