साइबर पुलिस उप अधीक्षक और स्थानीय युवक के बीच विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। सदर थाने में अपहरण व मारपीट का मामला दर्ज होने के बाद उप अधीक्षक ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष अपना पक्ष रखा।
चित्तौड़गढ़। शहर के सदर थाने में एक युवक ने साइबर पुलिस उप अधीक्षक व अन्य के खिलाफ अपहरण व मारपीट का मामला दर्ज कराया है। वहीं पुलिस उप अधीक्षक ने भी इस मामले में पुलिस अधीक्षक को अपना पक्ष प्रस्तुत किया।
सदर थाने में कुंभानगर निवासी मनीष मालानी पुत्र सच्चादानंद ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि वह और उसका दोस्त हिमांशु माहेश्वरी मंगलवार रात मोपेड पर ओछड़ी में एक होटल पर चाय पीने के बाद रात 10.50 बजे घर जा रहे थे। पीछे से आई एक कार में चार लोग सवार होकर आए, जिनमें साइबर पुलिस उप अधीक्षक गिरीराज गर्ग भी शामिल थे। रिपोर्ट में बताया कि हिमांशु के साथ मारपीट करते हुए उसे कार में बिठाकर पुलिस थाना सदर ले गए।
रिपोर्ट में पुलिस उप अधीक्षक पर किसी मामले में रुपए मांगने का भी आरोप लगाया गया। सदर थाना पुलिस ने इस मामले में गिरीराज गर्ग, अनिल सनाढ्य व अन्य के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। वहीं साइबर पुलिस उप अधीक्षक गिरीराज गर्ग ने अपनी सफाई में जिला पुलिस अधीक्षक को परिवाद दिया। इसमें बताया कि साइबर थाना में पदस्थ पुलिस निरीक्षक ठाकराराम ने वांछित अपराधी से आपराधिक मिलीभगत कर जानबूझकर गिरफ्तारी से बचने हेतु षड्यंत्रपूर्वक झूठा प्रकरण दर्ज करवाने संबंधी परिवाद पेश किया है।
पुलिस उप अधीक्षक गिरीराज गर्ग ने एसपी के नाम दिए परिवाद में बताया कि मंगलवार रात 9.15 बजे उन्हें सूचना मिली कि आईटी एक्ट साइबर थाना चित्तौड़गढ़ में वांछित हिमांशु माहेश्वरी अपने दोस्त मनीष मालानी के साथ ओछड़ी में है। गर्ग ने पुलिस निरीक्षक ठाकराराम को इसकी जानकारी दी।
गर्ग ने एसपी को दी रिपोर्ट में बताया कि ठाकराराम ने हिमांशु को पकड़ने का प्रयास नहीं किया। पुलिस उप अधीक्षक गर्ग ने यह भी बताया कि विधिसम्मत हिमांशु को साइबर थाने लाया गया। एसपी के नाम पेश की रिपोर्ट में गर्ग ने ठाकराराम पर यह भी आरोप लगाए कि उनके खिलाफ षड्यंत्रपूर्वक सदर थाने में मामला दर्ज करवाया गया है।
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