चित्तौड़गढ़-उदयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर केमिकल से भरे टैंकर में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। चालक ने कूदकर जान बचाई। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
चित्तौड़गढ़: चित्तौड़गढ़-उदयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार देर रात एक केमिकल से भरे टैंकर में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। टैंकर का चालक तुरंत वाहन से कूदकर अपनी जान बचाने में सफल रहा। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई।
फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब तक टैंकर पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। टैंकर मुंबई से हिमाचल की ओर जा रहा था।
स्थानीय प्रशासन और फायर विभाग ने सड़क पर सुरक्षा प्रबंध कड़े किए और आसपास के क्षेत्रों को सुरक्षित कराया। वाहन चालकों और स्थानीय लोगों से आग्रह किया गया कि वे प्रभावित मार्ग से बचें।
यह हादसा कई पिछले दुर्घटनाओं की याद दिलाता है। 20 दिसंबर 2024 को भांकरोटा में एलपीजी टैंकर में ब्लास्ट हुआ था, जिसमें 20 लोगों की मौत हुई और 40 से अधिक वाहन जल गए थे। 16 जनवरी 2025 को जयपुर-दिल्ली राजमार्ग पर रसायन से भरे टैंकर में आग लगने से दो क्रेन जल गई थी। हाल ही में 21 अगस्त 2025 को जोबनेर के पास रेनवाल बाइपास पर केमिकल से भरा टैंकर पलट गया था।
इन घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि रासायनिक पदार्थों और एलपीजी से भरे वाहनों के परिवहन में सुरक्षा उपायों को और अधिक कड़ा करने की आवश्यकता है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सड़क सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को और सुदृढ़ किया जाएगा।
हालांकि, इस हादसे में कोई मौत नहीं हुई, लेकिन यह सड़क सुरक्षा के लिहाज से चेतावनी है। अधिकारियों का कहना है कि नियमित वाहन निरीक्षण और चालक सुरक्षा प्रशिक्षण पर जोर दिया जाएगा।