चूरू-सादुलपुर रेलखंड पर हुए स्पीड ट्रायल के सफल रहने से दोहरीकरण परियोजना को गति मिली है। अब इस मार्ग पर 100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेनें चल सकेंगी।
चूरू। बीकानेर रेल मंडल के चूरू-सादुलपुर रेलखंड में मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त ई. श्रीनिवास द्वारा दूधवाखारा से चूरू तक स्पीड ट्रायल किया गया। निरीक्षण के दौरान लगभग 29 किलोमीटर लंबे इस खंड पर श्रीनिवास चूरू से दूधवाखारा तक स्वचालित ट्रॉली से पहुंचे तथा दूधवाखारा तक स्पीड ट्रायल सीसीआरएस स्पेशल से 121 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से सफलतापूर्वक किया। ट्रायल सफल रहने के उपरांत श्रीनिवास ने इस खंड पर 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से ट्रेन संचालित करने की अनुमति प्रदान की।
निरीक्षण के दौरान श्रीनिवास ने सुरक्षा मानकों, तकनीकी पहलुओं एवं ट्रैक की गुणवत्ता का बारीकी से अवलोकन किया। उल्लेखनीय है कि पूर्व में रतनगढ़ से चूरू तक डबल लाइन थी तथा चूरू से दूधवाखारा तक सिंगल लाइन थी। अब चूरू से दूधवाखारा तक डबल लाइन पर गाड़ी चलाने की अनुमति मिलने से रेलवे कम समय में अधिक गाड़ियां चला सकेगा और अधिक माल का परिवहन किया जा सकेगा, जिससे रेलवे की आय में वृद्धि होगी।
रतनगढ़ से सादुलपुर के मध्य 73 किलोमीटर रेलवे लाइन का दोहरीकरण पूरा हो चुका है। उक्त स्पीड ट्रायल दोहरीकरण परियोजना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और इससे इस मार्ग पर ट्रेनों की गति, संख्या और संचालन क्षमता में वृद्धि होगी। आने वाले समय में यात्रियों को तेज तथा सुरक्षित यात्रा सुविधा प्राप्त होगी।
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सफल स्पीड ट्रायल के दौरान बीकानेर मंडल रेल प्रबंधक गौरव गोविल, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी अंकुर झिंगोनिया, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक जयप्रकाश, वरिष्ठ डीएसटीई रण सिंह गोदारा, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (दक्षिण) अमन अग्रवाल, सीनियर DEE TRD जितेंद्र कटारिया, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (सामान्य) आदित्य लेघा, डिप्टी चीफ इंजीनियर विजय सिंह सहित रेलवे के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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