
नई दिल्ली। एशिया कप 2018 में भारतीय टीम को सुपर फोर के अपने अंतिम मुकाबले अफगानिस्तान के खिलाफ टाई मैच खेलना पड़ा। दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए इस मैच में अफगानिस्तान की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 252 रन बनाए थे। जिसका पीछा करते हुए भारतीय टीम भी 252 रन बना कर ऑल आउट हो गई। बेशक इस मुकाबले में भारत को हार नहीं मिली हो लेकिन अफगानिस्तान के लिए यह टाई जीत से कम भी नहीं। क्रिकेट जगत की शीर्ष टीम के खिलाफ खेलते हुए अफगानिस्तान की टीम ने जिस स्तर का प्रदर्शन किया, उसकी जमकर तारीफ की जा रही है। लेकिन इस मैच में की गई अंपायरिंग पर सवाल खड़े किए जा रहे है।
कई गलत फैसले दिए गए-
मंगलवार को खेले गए इस मुकाबले में खराब अंपायरिंग के कई उदाहरण दिखे। जिसका खामियाजा भारतीय टीम को उठाना पड़ा। भारतीय टीम के सबसे अनुभवी क्रिकेटर और इस मैच के दौरान टीम के कप्तान रहे महेंद्र सिंह धोनी अंपायर के एक गलत फैसले के कारण आउट करार दिए गए। धोनी के साथ-साथ भारतीय टीम को जीत के रास्ते पर ले जा रहे मध्यमक्रम के खब्बू बल्लेबाज दिनेश कार्तिक को भी गलत आउट दिया गया।
नाजूक समय में कार्तिक को दिया आउट-
कार्तिक को जब आउट दिया गया, तब वो 44 रन बना कर खेल रहे थे। यदि कार्तिक को गलत आउट नहीं दिया जाता, तो भारत आसानी से इस मुकाबले को जीत जाता। इंटरनेशनल क्रिकेट में इस तरह की अंपायरिंग को बिल्कुल भी बर्दास्त नहीं की जा सकती। स्तरहीन अंपायरिंग पर भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने मैच के बाद प्रेसेंटेशन के दौरान बात की।
धोनी ने इशारों-इशारों में कही ये बात-
धोनी ने प्रेसेंटेशन के दौरान कहा कि 'दो रन आउट गलत हुए और कई विकेट ऐसे गिरे, जिनके बारे में मैं कुछ कहना नहीं चाहूंगा. क्योंकि मैं नहीं चाहता कि फाइन कटा जाए। धोनी ने इशारों-इशारों में अंपायरिंग पर उंगली उठा दी। बताते चले कि ये गलत फैसला ग्रेगोरी ब्रेथवेट (Gregory brathwaite) ने दिया था।