Riyan Parag smokes in dressing room: रियान पराग राजस्थान रॉयल्स के ड्रेसिंग रूम के अंदर स्मोकिंग करते हुए कैमरे में कैद हुए हैं। भारत में ई-सिगरेट का उत्पादन, बेचना, खरीदना और इसका सेवन करना प्रतिबंधित है। ऐसे में उन पर जेल और भारी जुर्माने का खतरा मंडरा रहा है।
Riyan Parag smokes in dressing room: राजस्थान रॉयल्स ने मंगलवार रात पंजाब किंग्स के खिलाफ उसी घर न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में 6 विकेट से शानदार जीत दर्ज की है। अपनी इस छठी जीत के साथ आरआर ने पीबीकेएस के जीत के सिलसिले को भी तोड़ दिया है। लेकिन, इस जीत से ज्यादा सुर्खियों में रियान पराग बने हैं। राजस्थान के कप्तान को ड्रेसिंग रूम में स्मोकिंग करते पकड़े गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। अब उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है, क्योंकि ई-सिगरेट पीना प्रतिबंधित है।
दरअसल, यह घटना राजस्थान रॉयल्स की बल्लेबाजी के दौरान 16वें ओवर की है। जब आउट होने के बाद रियान पराग ड्रेसिंग रूम में बैठे थे। इसी दौरान एक कैमरे की नजर उन पर गई तो वह ई-सिगरेट का कश लगा रहे थे और धुंआ फूंक रहे थे। पराग की इस हरकत के वीडियो को कुछ फैंस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया, जिसके बाद कुछ लोग उनके खिलाफ एक्शन लेने की मांग कर रहे हैं। ये वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है।
ड्रेसिंग रूम के अंदर और पूरे स्टेडियम परिसर में तय जगहों को छोड़कर, धूम्रपान करना सख्त मना है। ऐसे में बीसीसीआई उनके खिलाफ एक्शन ले सकता है। वहीं, भारत में ई-सिगरेट निषेध अधिनियम (PECA) के तहत, ई-सिगरेट और वेप का उत्पादन, बिक्री, खरीद, आयात, निर्यात और विज्ञापन प्रतिबंधित है। इस अधिनियम को 18 सितंबर 2019 को लागू किया गया था।
इस कानून का कोई भी उल्लंघन करने पर कड़ी सजा मिल सकती है, जिसमें जेल और भारी जुर्माना शामिल है। ऐसे में यह घटना स्टेडियम के आम नियमों के उल्लंघन से कहीं ज्यादा गंभीर मामला बन गई है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके खिलाफ क्या कार्रवाई होती है?
आईपीएल 2026 में यह पहला विवाद नहीं है। इससे पहले राजस्थान रॉयल्स के टीम के मैनेजर रोमी भिंडर को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मुकाबले के दौरान डगआउट में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। शरद कुमार की अगुवाई वाली बीसीसीआई की एंटी-करप्शन यूनिट ने भिंडर को कारण बताओ नोटिस जारी किया और उनसे स्पष्टीकरण मांगा।
भिंडर ने स्पष्टीकरण दिया उस पर एसीयू ने नाराजगी जताते हुए उन्हें इस मामले में दोषी माना। इसके लिए भिंडर पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। साथ ही एक आधिकारिक चेतावनी भी दी गई।