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छोले कुलचे बेचने वाले का बेटा अब टीम इंडिया के लिए लगाएगा चौके-छक्के, अंडर-19 क्रिकेट टीम में अर्जुन का चयन

अर्जुन लेफ्ट-हैंड बल्लेबाज और राइट-आर्म ऑफ स्पिनर है। अर्जुन ने क्रिकेट की शुरुआत हरभजन सिंह क्रिकेट अकादमी से की थी। सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने कभी हार नहीं मानी। कोच विक्रम सिद्धू का पूरा साथ मिलता रहा, जिसने उनके हौसले को और मजबूत किया।
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Jun 12, 2026
Sri Lanka tour
कुल्चे बेचने वाले का बेटा अर्जुन अब लगाएगा टीम इंडिया की नीली जर्सी में चौके-छक्के (Photo -IANS)

Under 19 Indian Cricket Team: हिम्मत, हौसला और जुनून हो तो सपनों की उड़ान अमीरी-गरीबी कभी नहीं देखती। वह सिर्फ मेहनत और लगन का साथ देती है। जालंधर के राम नगर में छोले-कुलचे की छोटी-सी रेहड़ी लगाने वाले होती राम के बेटे अर्जुन राजपूत ने इस बात को जीवंत उदाहरण बनाकर साबित कर दिया है। अर्जुन का चयन भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम में हो गया है।

जालंधर के रहने वाले हैं अर्जुन

जब अगले महीने 4 जुलाई को टीम श्रीलंका दौरे पर रवाना होगी, जहां यह जालंधर का लड़का देश की नीली जर्सी पहनकर मैदान पर उतरेगा। परिवार ने उम्मीद जताई है कि घर का लाल, मैदान पर टीम इंडिया के लिए काफी रन के साथ विकेट भी चटकाएगा।

हरभजन सिंह क्रिकेट अकादमी से की शुरुआत

अर्जुन लेफ्ट-हैंड बल्लेबाज और राइट-आर्म ऑफ स्पिनर है। अर्जुन ने क्रिकेट की शुरुआत हरभजन सिंह क्रिकेट अकादमी से की थी। सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने कभी हार नहीं मानी। कोच विक्रम सिद्धू का पूरा साथ मिलता रहा, जिसने उनके हौसले को और मजबूत किया।

8-9 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया

टीम इंडिया में सिलेक्शन पाने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान अर्जुन राजपूत ने कहा कि मैंने 8-9 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया था। इस मुकाम तक पहुंचकर बहुत खुशी हो रही है। श्रीलंका में हमारे शुरुआती मैच होंगे। हम देश का प्रतिनिधित्व करेंगे और पूरी कोशिश करेंगे कि अच्छा प्रदर्शन करें, सारे मैच जीतें और ट्रॉफी भारत लाएं। मां-पिता और परिवार ने हमेशा मेरा साथ दिया। जब भी निराश होता, वे मुझे प्रेरित करते और हौसला बढ़ाते थे।

अर्जुन ने बताया की उनके पिता डीएवी कॉलेज के बाहर साधारण सी रेहड़ी लगाते हैं। उन्होंने मेरे सपने पूरे करने के लिए कड़ी मेहनत की है। अब मुझे उनके सपने पूरे करने हैं। मैं पिताजी को कहता हूं कि अब कुलचे बनाना छोड़ दो, अब पहले जैसी स्थिति नहीं है।

पिता होती राम ने भावुक होकर बताया कि वह कई साल से कुलचे बनाते आ रहे हैं। अर्जुन पांच-छह साल की उम्र से क्रिकेट खेल रहा है। उसने दिन-रात मेहनत की है। पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह अकादमी में कोचिंग ली. जब पता चला कि वह इंडिया अंडर-19 में चुना गया है, तो बहुत खुशी हुई।

मां नन्ही देवी ने कहा कि मुझे आज सुबह ही खबर मिली। बहुत-बहुत खुशी का पल है। बहन किरण राजपूत ने भी कहा कि भाई लंबे समय से लगातार मेहनत कर रहा था और पूरा परिवार उसके साथ खड़ा रहा। अब उसकी मेहनत रंग लाई है और वह अब टीम इंडिया के लिए खेलेगा। भाई को नीली जर्सी में देखने का सपना साकार हुआ।

Updated on:
12 Jun 2026 08:59 pm
Published on:
12 Jun 2026 06:59 pm