देश की राजधानी दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में हुई हिंसा के चलते अब तक 38 लोगों की मौत तनाव की स्थिति से निपटने और आगे हिंसा न हो इसके लिए दिल्ली पुलिस मोर्चा संभाले हुए
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में हुई हिंसा ( Delhi Violence ) के चलते अब तक 38 लोगों की मौत हो चुकी है।
वहीं, हिंसा के बाद राजधानी में तनाव की स्थिति से निपटने और आगे हिंसा न हो इसके लिए दिल्ली पुलिस ( Delhi Police ) और पैरा मिलिट्री फोर्स मोर्चा संभाले हुए हैं।
सुरक्षाबलों ने रात भर हिंसाग्रस्त इलाकों में पैदल मार्च कर शांति व्यवस्था सुनिश्चित की।
खासकर दिल्ली के मौजपुर, करावल नगर, भजनपुरा, सीलमपुर, जाफराबाद आदि इलाकों में पुलिस बल रात भी मार्च करता रहा। हालांकि राजधानी में हालात धीरे—धीरे सामान्य होते जा रहे हैं।
वहीं, उत्तरी-पूर्वी दिल्ली ( North-East Delhi ) के हिंसा प्रभावित इलाकों में गुरुवार को पांचवें दिन भी दुकानें नहीं खुलीं। हालांकि सड़कें जरूर राहगीरों से गुलजार रहीं।
वजह कि पिछले दो दिनों से भारी पुलिस फोर्स की तैनाती के बाद से लोग सड़कों पर अब निकलना शुरू कर दिए हैं। पूरी तरह माहौल सामान्य होने में अभी कुछ और समय लगेगा।
गुरुवार को आईएनएस ने हिंसा प्रभावित कुछ इलाकों का दौरा किया।
देखा कि सीलमपुर रेड लाइट एरिया से लेकर जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर तक सड़क के दोनों तरफ मौजूद सैकड़ों दुकानों पर ताला लगा रहा।
इस इलाके में अनाज, कपड़े, फल-फूल की दुकानें हों या फिर मेडिकल स्टोर, स्कूल, कॉलेज और अस्पताल सभी पांचवें दिन भी बंद रहे।
हालांकि पुलिस जनजीवन को सामान्य करने में जरूर जुटी हुई है। गलियों से लेकर मुख्य सड़क पर पुलिस का पहरा लगा है।
दरअसल, जिस तरह से तीन से चार दिनों में भारी हिंसा हुई, दुकानें लूटी गईं और 37 से ज्यादा लोगों की जान चली गई, उससे दुकानदार अब भी दुकानें खोलने में डर रहे हैं।
दुकानदारों को अब भी माहौल सुरक्षित नहीं लग रहा है। मौजपुर मेट्रो स्टेशन के पास मौजूद एक व्यक्ति ने कहा कि अभी हालात सामान्य होने में एक से दो दिन और लगेंगे।
भारी सुरक्षा व्यवस्था के कारण आवागमन शुरू होने से लोगों ने राहत की सांस ली। सीलमपुर से मौजपुर, गोकुलपुरी रोड पर गुरुवार को ई रिक्शा, ऑटो आदि सवारियां भरते नजर आए, जबकि बुधवार तक सड़कें बंद थीं।