UP Sipahi Bharti Exam 2018 : सिपाही भर्ती परीक्षा में सेंध लगाने वाले सॉल्वर गैंग के अब तक 35 से अधिक सदस्य हो चुके हैं गिरफ्तार
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश पुलिस की सिपाही भर्ती परीक्षा में सेंध लगाने वाले गैंग को पुलिस और एसटीएफ से ही सूचनाएं लीक की जा रही थीं। पुलिस और एसटीएफ के हर अगले कदम की सूचना इस गैंग के सदस्यों को पहले ही मिल जाती थी। इसका खुलासा एसटीएफ के गिरफ्तार सिपाही और फायर सर्विस के गिरफ्तार पुलिसकर्मी से पूछताछ में हुआ है।
ऑडियो भी लगा हाथ
एसटीएफ के गिरफ्तार सिपाही बिजेंद्र कुमार पुत्र रंजीत निवासी अलीपुर मोरना हस्तिनापुर का एक ऑडियो भी पुलिस के हाथ लगा है, जिसमें वह इस गैंग के सदस्यों को सावधान कर रहा है कि तुम्हारा नंबर एसटीएफ सुन रही है इसलिए अपने फोन को बंद कर दो। एक डायरी भी पुलिस के हाथ लगी है, जिसमें अारोपी सिपाही को अब तक गैंग के सदस्यों की ओर से दिए गए रुपयों की पूरी जानकारी दर्ज है। कब-कब कितना पैसा किन-किन लोगों को दिया गया, इसकी भी पूरी जानकारी इस डायरी में है। पकड़े गए लोगों से पूछताछ के बाद अभी कई और सनसनीखेज खुलासे होने बाकी हैं। पूछताछ में मिली जानकारियां बेहद चौंका देने वाली हैं। पुलिस उन अभ्यर्थियों के भी नजदीक पहुंच चुकी है, जिन्होंने खुद परीक्षा ना देकर सॉल्वर गैंग के सदस्यों से बात की और अपने स्थान पर इस गैंग के सदस्यों को परीक्षा देने के लिए परीक्षा केंद्रों पर भिजवाया।
अब तक 35 से अधिक हो चुके हैं गिरफ्तार
सिपाही भर्ती परीक्षा में सेंध लगाने वाले सॉल्वर गैंग के अब तक 35 से अधिक सदस्य गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इन 35 सदस्यों में ही एसटीएफ मेरठ का बाबू और गाजियाबाद फायर स्टेशन का सिपाही भी शामिल है। सहारनपुर पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया है जबकि मेरठ में 23 लोग गिरफ्तार किए गए हैं। मेरठ में पकड़े गए 23 लोगों के पास से करीब 11 लाख रुपये, लैपटॉप, ओएमआर शीट और कार्बन कॉपियां बरामद हुई हैं जबकि सहारनपुर से गिरफ्तार किए गए 11 लोगों के पास से 97 हजार रुपयों के अलावा सैकड़ों की संख्या में फर्जी आधार कार्ड, आईडी कार्ड, करीब 13 मोबाइल और बायोमीट्रिक जेल बरामद किया गया है।
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कार्रवाई बड़ी लेकिन भर्ती परीक्षा पर उठे सवाल
मेरठ एसटीएफ और सहारनपुर पुलिस ने सॉल्वर गैंग के 35 सदस्यों को गिरफ्तार करके बड़ा खुलासा तो किया है लेकिन इस गैंग की सक्रियता ने सिपाही भर्ती परीक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि यह गैंग पहले से ही इसी तरह से परीक्षा दिला रहा है। इसने कई बड़ी परीक्षाओं में अपने सॉल्वर भेजकर अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षाएं संपन्न कराई हैं। परीक्षा देने वाले सॉल्वर को इसके लिए दो लाख रुपये दिए जाते थे। वहीं, अभ्यर्थी से चार से पांच लाख रुपये तक की राशि वसूली जाती थी। इस बारे में जब पत्रिका ने एसएसपी बबलू कुमार से बात की तो उन्होंने कहा कि पकड़े गए लोगों में मेरठ एसटीएफ का एक सिपाही भी शामिल है। बाकी जांच की जा रही है।
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