दंतेवाड़ा

डिपॉजिट-13 परियोजना पर घमासान! ‘जमीन नहीं देंगे’ के नारों से गूंजा दंतेवाड़ा, 120 घंटे से जारी आंदोलन ने पकड़ी रफ्तार

Deposit-13 Mining Project: डिपॉजिट-13 खनन परियोजना और आरती स्पंज एंड पावर लिमिटेड के विरोध में बस्तरिया राज मोर्चा का आंदोलन पांचवें दिन भी जारी रहा।

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Deposit-13 Mining Project
बस्तरिया राज मोर्चा का आंदोलन जारी (photo source- Patrika)

Bailadila Mining: बैलाडीला क्षेत्र में प्रस्तावित डिपॉजिट-13 खनन परियोजना एवं आरती स्पंज एंड पावर लिमिटेड के विरोध में बस्तरिया राज मोर्चा द्वारा चलाया जा रहा आंदोलन लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। जल, जंगल और जमीन की रक्षा की मांग को लेकर निकाली गई पदयात्रा गुरुवार को दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय पहुंची, जहां हजारों ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। आंदोलन में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी भी देखने को मिली।

Water, Forest, and Land Movement: ग्रामीणों ने अपनी मुहिम को आगे बढ़ाया

7 जून से शुरू हुई यह पदयात्रा अब तक लगभग 120 घंटे पूरी कर चुकी है। आंदोलनकारी ग्रामीणों ने पैदल यात्रा के साथ कलिकाना में पूजा-अर्चना कर अपनी मुहिम को आगे बढ़ाया। गुरुवार सुबह गामावाड़ा से शुरू हुई पदयात्रा दोपहर करीब तीन बजे दंतेवाड़ा कलेक्ट्रेट पहुंची। हाथों में तख्तियां और बैनर लिए ग्रामीण पूरे रास्ते ’’जल, जंगल, जमीन बचाओ’’ और ’’खनन परियोजना वापस लो’’ जैसे नारे लगाते रहे। आंदोलन को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क रही। कलेक्ट्रेट परिसर में तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई थी तथा अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी।

कलेक्टर को ज्ञापन देने पर अड़े ग्रामीण

कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद आंदोलनकारियों ने कलेक्टर से सीधे मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने की मांग की। प्रशासन की ओर से एसडीएम और तहसीलदार सहित अधिकारियों की टीम मौजूद थी, लेकिन प्रदर्शनकारी कलेक्टर को ही ज्ञापन सौंपने की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान नाराज ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट के सामने मुख्य मार्ग पर करीब डेढ़ घंटे तक चक्का जाम किया, जिससे यातायात प्रभावित रहा। बाद में अधिकारियों की समझाइश के बाद आंदोलनकारियों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंप दिया। पदयात्रा एवं प्रदर्शन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोरी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और आंदोलनकारी उपस्थित रहे।

ग्रामीणों की सहमति के बिना परियोजनाएं आगे बढ़ाने का आरोप

सभा को संबोधित करते हुए बस्तरिया राज मोर्चा की वरिष्ठ सदस्य विमला सोरी ने कहा कि बैलाडीला क्षेत्र के जंगल, जमीन और प्राकृतिक संसाधन आदिवासी समाज की पहचान और जीवन का आधार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीणों की सहमति के बिना खनन परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे बस्तर की संस्कृति और पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। जब तक प्रस्तावित परियोजना वापस नहीं ली जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।’’

Dantewada Padayatra: सड़क पर ही हुई सभा, आंदोलन जारी रखने का ऐलान

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सभा दुर्गा पंडाल में आयोजित होनी थी, लेकिन ज्ञापन सौंपने के बाद बस्तरिया राज मोर्चा के नेता मनीष कुंजाम ने पिकअप वाहन पर खड़े होकर सडक़ पर ही ग्रामीणों को संबोधित किया और आंदोलन को आगे भी जारी रखने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ‘‘आज हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने आए हैं। यदि प्रशासन और सरकार हमारी मांगों पर 15 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं करती है तो अगली बार हमें तीन लेयर की सुरक्षा व्यवस्था भी नहीं रोक सकेगी। ग्रामीण जनता अपने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार है।

Updated on:
12 Jun 2026 01:46 pm
Published on:
12 Jun 2026 01:43 pm