
दंतेवाड़ा। गीदम के नवनिर्मित 50 सीटर मातृ व शिशु अस्पताल में रविवार सुबह आग लग गई। आग से लाखों के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। अस्पताल कर्मियों के मुताबिक सुबह लगभग 7 बजे एक कमरे में लगी आग ने जल्द ही भीषण रूप ले लिया। सीलिंग में लगे सेंट्रल एसी सिस्टम की वजह से आग तेजी से चारों तरफ फैलने लगी। अचानक भड़की इस आग से अस्पताल में हड़कंप मच गया। मरीज व परिजन में अफरातफरी मच गई।
बताया जा रहा है आग लगने के वक्त अस्पताल में 21 मरीज भर्ती थे। लगभग डेढ़ घण्टे तक अग्निशमन मौके पर नही पहुंच पाई थी। अस्पताल प्रबंधन की सूझबूझ से बड़ा हादसा टला, प्रबंधन ने सभी मरीजो को सुरक्षित बाहर निकाल कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। आग लगने की सूचना मिलने पर अस्पताल के सभी अधिकारी कर्मचारी व नजदीक रहने वाले लोग पहुंच गए एवं अस्पताल में लगे अग्निरोधी उपकरण की सहायता से आग में काबू पाया लिया गया।
घटना स्थल पर पहुचे जिले के उच्च अधिकारी
घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा, एसडीएम लिंगराज सिदार व सीएमओ डॉ एसपीएस शाण्डिल्य भी मौके पर पहुंचे व आग लगने से हुए नुकसान का जायजा लिया। मातृ व शिशु अस्पताल के प्रभारी डॉ देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि शार्ट सर्किट के कारण आग लग गई। वहाँ पर मौजूद पूरे स्टॉफ ने मरीजो को सुरक्षित बाहर निकाल कर शीघ्र ही आग पर काबू पा लिया जिससे बड़ा हादसा टल गया।
गीदम थाना प्रभारी अजय सिन्हा भी आग लगने की सूचना मिलते ही आपने पूरे दल - बल के साथ मौके पर पहुँच कर अस्पताल की टीम के साथ आग बुझाने में जुटे रहे।
नवनिर्मित अस्पताल को मुख्यमंत्री द्वारा स्वीकृत कराने वाले बोमडा राम कवासी ने कहा कि इस तरह की घटना दु:खद है। घटना के मुख्य कारणों का शीघ्र पता लगाया जाना चाहिए। मौके पर पहुचे जनप्रतिनिधियों ने कहा कि देखा जा रहा है विद्युत वायरिंग में लोकल वायर का उपयोग किया जा रहा है जिसके कारण लगातार शार्टसर्किट की घटनाओं के कारण आग लग रही है।
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