देहरादून

Dehradun Crime News: ‘मम्मी-पापा आई लव यू’, NEET की तैयारी कर रही छात्रा ने लिखा भावुक संदेश, फिर कर ली आत्महत्या

Dehradun News: देहरादून में 23 वर्षीय नीट अभ्यर्थी रिया की आत्महत्या से सनसनी फैल गई। घटना स्थल से मिला सुसाइड नोट भावुक संदेशों से भरा था, जिसमें उसने माता-पिता के लिए प्रेम व्यक्त किया।

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Jun 17, 2026
Neet aspirant suicide in dehradun
NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत (फाइल फोटो- पत्रिका)

Neet Aspirant Dehradun Suicide: देहरादून के चंद्रमणि क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई, जब 23 वर्षीय नीट अभ्यर्थी रिया अपने घर में मृत पाई गई। वह मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी और पढ़ाई के दबाव में थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

पढ़ाई और सफलता का दबाव

पुलिस और परिवार से मिली जानकारी के अनुसार रिया एक मेधावी छात्रा थी। उसने कक्षा 12वीं में 96.7 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे और आगे चलकर कॉलेज में भी टॉपर रही थी। वह नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी और हाल ही में संभावित री-एग्जाम को लेकर मानसिक दबाव में बताई जा रही थी।

सुसाइड नोट में भावनात्मक संदेश

घटनास्थल से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें रिया ने अपने माता-पिता के लिए “मम्मी-पापा, आई लव यू” जैसे भावुक शब्द लिखे थे। नोट में उसने अपनी पढ़ाई और अपेक्षित सफलता न मिलने को लेकर निराशा और हताशा भी व्यक्त की थी। यह संदेश परिवार के लिए गहरे सदमे का कारण बन गया।

पंखे से लटका मिला शव

सर्कल ऑफिसर (सीओ) सदर अंकित कंडारी ने बताया कि सुबह करीब 10:30 बजे जब मां ने रिया को नाश्ते के लिए बुलाया, तो उसने दरवाजा नहीं खोला। बाद में पिता को बुलाया गया और दरवाजा खोला गया तो रिया को पंखे से लटका पाया गया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और मौके पर जांच शुरू हुई।

पुलिस जांच और प्रारंभिक निष्कर्ष

पुलिस के अनुसार, परिवार और पड़ोसियों के बयान में किसी भी तरह के बड़े व्यवहारिक बदलाव या मानसिक तनाव के स्पष्ट संकेत सामने नहीं आए हैं। परिजनों ने बताया कि रिया सामान्य रूप से पढ़ाई कर रही थी और हाल ही में किसी असामान्य व्यवहार की जानकारी नहीं मिली थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

जांच कर रही पुलिस

पुलिस इस मामले के हर पहलू से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर छात्रा ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया? वहीं इस घटना ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं के बढ़ते मानसिक दबाव और छात्रों पर पड़ रहे तनाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते काउंसलिंग और भावनात्मक सपोर्ट सिस्टम को मजबूत करना बेहद जरूरी है, ताकि ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

Published on:
17 Jun 2026 05:42 pm