बस्ती जिले में तैनात SSI अजय गौड़ मूल निवासी देवरिया की संदिग्ध मौत को संज्ञान में लेते हुए बीजेपी विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने DGP से मुलाकात कर मामले की उच्चस्तरीय जाँच की मांग की।
बस्ती जनपद में तैनात पुलिस उपनिरीक्षक अजय गोंड की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में देवरिया सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने संज्ञान लेते हुए DGP से मुलाकात की।
उन्होंने उनसे इस घटना की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। विधायक ने इस संबंध में एक लिखित पत्र भी सौंपा। डॉ. शलभ ने बताया कि SSI अजय गोंड मूल रूप से उनके विधानसभा क्षेत्र देवरिया सदर के निवासी थे।
उनकी संदिग्ध मौत से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। उन्होंने कहा कि परिजनों ने आशंका जताई है कि यह घटना एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या हो सकती है।
पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने समय रहते पर्याप्त सक्रियता और गंभीरता नहीं दिखाई, जिसके कारण स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।
BJP विधायक ने DJP से आग्रह किया कि प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि घटना का जल्द खुलासा हो सके। उन्होंने लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की भी मांग की।
शलभ ने पुलिस विभाग से SSI के परिवार को जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग की। विधायक ने विश्वास व्यक्त किया कि निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने आएगी और पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा।
सदर कोतवाली क्षेत्र के मुड़ाडीह गांव निवासी अजय कुमार गोड़ का शव रविवार शाम करीब पांच बजे अयोध्या की सरयू नदी में मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी। अजय 5 फरवरी को सुबह चाय-नाश्ता करके थाने के लिए निकले थे। परशुरामपुर थानाध्यक्ष विश्व मोहन राय के अवकाश पर जाने के बाद उनके पास ही थाने का प्रभार था।
6 फरवरी को दरोगा अजय की बाइक मिलने के बाद पुलिस को उनके डूबने की आशंका थी। इसको देखते हुए पुलिस ने SDRF गोरखपुर की टीम के साथ कुआनो नदी में लगातार 3 दिन तक सर्च अभियान चलाया।