डूंगरपुर

Dungarpur News: इरान-इजरायल युद्ध की तपिश से महंगी हुई थाली, सोयाबीन तेल 500 रुपए महंगा, काली मिर्च 900 रुपए किलो

Iran-Israel War Impact: ईरान-इजरायल संघर्ष का असर अब डूंगरपुर की रसोई तक पहुंच गया है। महंगाई बढ़ने से मसाले, तेल और रोजमर्रा की चीजें आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही हैं।

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एआई तस्वीर

oil prices rise: डूंगरपुर। ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण वैश्विक बाजार में मची हलचल का असर अब डूंगरपुर के आम आदमी की रसोई पर दिखने लगा है। ट्रांसपोर्ट महंगा होने और सप्लाई चेन बाधित होने से काली मिर्च, इलायची और खाद्य तेलों के दाम बढ़ गए हैं, जिससे गृहिणियों का मासिक बजट पूरी तरह चरमरा गया है।

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मसालों का तीखापन, काली मिर्च 900 के पार

बाजार में इन दिनों ‘दाम ज्यादा, सामान कम’ का खेल चल रहा है। साबुन और वाशिंग पाउडर जैसी जरूरी चीजों पर दोहरी मार पड़ी है। कंपनियों ने 200 ग्राम के साबुन को घटाकर 150 ग्राम और 200 ग्राम पाउडर के पाउच को 180 ग्राम कर दिया है। कॉटन की कीमतों में भी 50 से 100 रुपए तक की वृद्धि दर्ज की गई है।

मसाला बाजार में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है, जिससे स्वाद का तड़का महंगा हो गया है। काली मिर्च 200 रुपए की सीधी बढ़त के साथ भाव 900 रुपए प्रति किलो के पार पहुंच गई है। बड़ी इलायची 1750 रुपए प्रति किलो एवं लाल मिर्च पाउडर 320 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। इसी प्रकार हल्दी 280 रुपए और धनिया 150 से 200 रुपए प्रति किलो के दाम पर बिक रहा है।

खाद्य तेलों के डिब्बों की यह स्थिति

खाद्य तेलों की कीमतों में आया उछाल उपभोक्ताओं के पसीने छुड़ा रहा है। हालांकि घी के दामों में फिलहाल स्थिरता बनी हुई है। सोयाबीन तेल 15 किलो का डिब्बा 500 रुपए महंगा होकर 2700 रुपए पर पहुंच गया है। इसी प्रकार मूंगफली तेल 2900 रुपए प्रति डिब्बा और सरसों तेल 2700 रुपए प्रति डिब्बा बिक रहा है।

बंपर पैदावार फिर भी गेहूं महंगा

हैरानी की बात यह है कि जिले में गेहूं की अच्छी पैदावार के बावजूद कीमतें कम नहीं हो रही हैं। गेहूं का ट्रांसपोर्ट महंगा होने से भाव 3100 से 3300 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। चना 50 रुपए, सोयाबीन 45 रुपए और मक्का 30 रुपए प्रति किलो बिक रहा है। चावल में भी 15 रुपए की बढ़त हुई है। इसी प्रकार पैकिंग थैलियों के भाव में 80 रुपए प्रति किलो का बड़ा उछाल आया है। लागत बढ़ने के कारण व्यापारियों ने अब छोटी पैकिंग करना बंद कर दिया है और केवल बड़ी पैकिंग को ही प्राथमिकता दे रहे हैं।

व्यापारियों की जुबानी

पिछले आठ दिनों से भाव लगातार बढ़ रहे हैं। इस उछाल के कारण ग्राहकी और व्यापार दोनों पर बुरा असर पड़ रहा है।

  • हितेश भावसार, किराणा व्यापारी

ट्रांसपोर्ट महंगा होने के कारण गेहूं की अच्छी पैदावार के बावजूद भाव बढ़ गए हैं। बाहर से आने वाला माल भी काफी महंगा पड़ रहा है।

  • अशोक जैन, अनाज व्यापारी

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