
Rajesh Chauhan Fraud Case: पूर्व भारतीय क्रिकेटर और ऑफ स्पिनर राजेश चौहान कथित धोखाधड़ी के मामले में कानूनी विवादों में घिर गए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने जिंदल इस्पात लिमिटेड में ट्रांसपोर्ट ठेका दिलाने और भारी मुनाफे का भरोसा देकर एक व्यक्ति से 17.52 लाख रुपये का निवेश कराया। शिकायत के आधार पर दुर्ग की न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने पुलिस को मामले की जांच कर अंतिम प्रतिवेदन पेश करने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल, मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, राजेश चौहान ने उन्हें ट्रांसपोर्ट व्यवसाय में साझेदार बनने का प्रस्ताव दिया था। इसके तहत जिंदल इस्पात लिमिटेड में ट्रक लगाने और बेहतर मुनाफे का आश्वासन दिया गया। विश्वास दिलाने के लिए कथित तौर पर वर्क ऑर्डर और अन्य दस्तावेज भी दिखाए गए। आवेदक ने इन दावों पर भरोसा करते हुए कारोबार में निवेश करने की सहमति दे दी और चरणबद्ध तरीके से रकम का भुगतान किया।
मामले से जुड़े अधिवक्ता सौरभ चौबे के मुताबिक, शिकायतकर्ता दिनकर और राजेश चौहान के बीच 30 जुलाई 2021 को एक इकरारनामा हुआ था। इसके बाद दिनकर ने पहली किस्त के रूप में 2.51 लाख रुपये दिए। बाद में गोविंद ट्रांसपोर्ट कंपनी के खाते में दो अलग-अलग किस्तों में कुल 15.01 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। इस तरह कुल 17.52 लाख रुपये का भुगतान किया गया।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि व्यवसायिक साझेदारी के नाम पर उनसे धोखाधड़ी की गई और धन का दुरुपयोग किया गया। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट ऐश्वर्या दीवान की अदालत ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 175(3) के तहत पुलिस को मामले की जांच करने और अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में पेश करने के निर्देश दिए हैं।
राजेश चौहान भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने 1990 के दशक में भारत के लिए 21 टेस्ट और 35 वनडे मैच खेले हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 47 विकेट दर्ज हैं। फिलहाल, इस मामले में पुलिस जांच शुरू होने के बाद आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।