Arvind Jain on AI: क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आपकी नौकरी छीन लेगा? 7.2 बिलियन डॉलर की कंपनी ग्लीन के सीईओ और आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्र अरविंद जैन ने इस पर बड़ा बयान दिया है। जानिए एआई और करियर को लेकर क्या है उनका दावा।
Arvind Jain Glean CEO: दुनिया भर की टेक कंपनियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण हो रही छंटनी के बीच इसपर आईआईटी दिल्ली से पढ़े अरविंद जैन का बयान आया है। मशहूर कंपनी सिलिकॉन वैली के संस्थापक और आईआईटी के पूर्व छात्र अरविंद जैन का मानना है कि, एआई कभी भी किसी इंसान की जगह नहीं ले सकता है। 7.2 बिलियन डॉलर (करीब 60 हजार करोड़ रुपये) की एआई आधारित कंपनी ग्लीन (Glean) के सीईओ अरविंद जैन ने साफ कहा है कि, एआई की वजह से किसी की भी नौकरी नहीं जाएगी।
फॉर्च्यून के वर्कप्लेस इनोवेशन समिट में बोलते हुए अरविंद जैन ने एआई और भविष्य के करियर को लेकर बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि, एआई कभी इंसानों की जगह नहीं लेगा बल्कि, यह हमारी मदद करेगा ताकि हम और भी बेहतर क्वालिटी का काम कर सकें। जैन ने बताया कि, उनकी कंपनी दुनिया के सबसे बड़े एंटरप्राइजेज के साथ काम करती है और फिलहाल उन्हें ऐसा कोई भी रोल या नौकरी खत्म होती नहीं दिख रही है जिसे एआई ने पूरी तरह से रिप्लेस कर दिया हो।
अरविंद जैन की यह राय टेक जगत के कई अन्य दिग्गजों से बिल्कुल अलग है। एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो एमोडी कई बार चेतावनी दे चुके हैं कि, आने वाले सालों में एआई ऑफिस में काम करने वाले (व्हाइट कॉलर) लोगों की आधी नौकरियां खत्म कर सकता है। जेपी मॉर्गन के जेमी डिमोन ने भी कहा था कि, एआई के कारण भविष्य में नौकरियों में कटौती हो सकती है। लेकिन इसके उलट जैन का मानना है कि तकनीक हमेशा नए अवसर ही पैदा करती है।
सफलता के शिखर पर बैठे और कई युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके अरविंद जैन की शैक्षणिक और करियर की यात्रा बेहद शानदार रही है। एक आम छात्र से लेकर अरबों डॉलर की कंपनी के मालिक बनने का उनका सफर इस प्रकार है:
साल 2019 में अरविंद जैन ने अपनी कंपनी ग्लीन की शुरुआत की। इसका मकसद ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों की उस बड़ी परेशानी को सुलझाना था, जहां उन्हें कंपनी के अलग-अलग ऐप्स और डॉक्यूमेंट्स में जरूरी जानकारी ढूंढने में बहुत ज्यादा समय लगता था। उनके नेतृत्व में यह कंपनी तेजी से आगे बढ़ी। साल 2022 में इसकी वैल्यू 1 बिलियन डॉलर थी जो 2024 में बढ़कर 4.6 बिलियन डॉलर हुई और 2025 में इसकी वैल्यू 7.2 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई। अरविंद जैन ने बताया कि एआई अभी उस स्तर पर नहीं पहुंचा है कि वह इंसान की जगह ले सके, कई टेक लीडर्स की चेतावनी के बीच जैन ने एआई को सिर्फ एक सहायक टूल ही बताया है।