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AI खा जाएगा आपकी नौकरी? 7 बिलियन डॉलर की कंपनी के CEO अरविंद जैन ने दिया ये जवाब

Arvind Jain on AI: क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आपकी नौकरी छीन लेगा? 7.2 बिलियन डॉलर की कंपनी ग्लीन के सीईओ और आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्र अरविंद जैन ने इस पर बड़ा बयान दिया है। जानिए एआई और करियर को लेकर क्या है उनका दावा।

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May 21, 2026
Arvind Jain Glean CEO (Image- AI)

Arvind Jain Glean CEO: दुनिया भर की टेक कंपनियों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण हो रही छंटनी के बीच इसपर आईआईटी दिल्ली से पढ़े अरविंद जैन का बयान आया है। मशहूर कंपनी सिलिकॉन वैली के संस्थापक और आईआईटी के पूर्व छात्र अरविंद जैन का मानना है कि, एआई कभी भी किसी इंसान की जगह नहीं ले सकता है। 7.2 बिलियन डॉलर (करीब 60 हजार करोड़ रुपये) की एआई आधारित कंपनी ग्लीन (Glean) के सीईओ अरविंद जैन ने साफ कहा है कि, एआई की वजह से किसी की भी नौकरी नहीं जाएगी।

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फॉर्च्यून समिट में कही बड़ी बात

फॉर्च्यून के वर्कप्लेस इनोवेशन समिट में बोलते हुए अरविंद जैन ने एआई और भविष्य के करियर को लेकर बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि, एआई कभी इंसानों की जगह नहीं लेगा बल्कि, यह हमारी मदद करेगा ताकि हम और भी बेहतर क्वालिटी का काम कर सकें। जैन ने बताया कि, उनकी कंपनी दुनिया के सबसे बड़े एंटरप्राइजेज के साथ काम करती है और फिलहाल उन्हें ऐसा कोई भी रोल या नौकरी खत्म होती नहीं दिख रही है जिसे एआई ने पूरी तरह से रिप्लेस कर दिया हो।

बिल्कुल अलग है जैन का दावा

अरविंद जैन की यह राय टेक जगत के कई अन्य दिग्गजों से बिल्कुल अलग है। एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो एमोडी कई बार चेतावनी दे चुके हैं कि, आने वाले सालों में एआई ऑफिस में काम करने वाले (व्हाइट कॉलर) लोगों की आधी नौकरियां खत्म कर सकता है। जेपी मॉर्गन के जेमी डिमोन ने भी कहा था कि, एआई के कारण भविष्य में नौकरियों में कटौती हो सकती है। लेकिन इसके उलट जैन का मानना है कि तकनीक हमेशा नए अवसर ही पैदा करती है।

कौन हैं अरविंद जैन और कैसी रही उनकी एजुकेशन

सफलता के शिखर पर बैठे और कई युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके अरविंद जैन की शैक्षणिक और करियर की यात्रा बेहद शानदार रही है। एक आम छात्र से लेकर अरबों डॉलर की कंपनी के मालिक बनने का उनका सफर इस प्रकार है:

  • एजुकेशन: अरविंद जैन ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया है। इसके बाद उन्होंने अमेरिका की वाशिंगटन यूनिवर्सिटी से इसी विषय में अपनी मास्टर डिग्री पूरी की।
  • करियर का सफर: अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने 1997 में दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी।
  • इसके बाद उन्होंने गूगल में लगातार 10 साल तक काम किया जहां वे गूगल सर्च, गूगल मैप्स और यूट्यूब जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स में बतौर इंजीनियर जुड़े रहे।
  • साल 2014 में उन्होंने रूब्रिक नाम की एक क्लाउड डेटा मैनेजमेंट कंपनी स्टेबलिश की जो सिलिकॉन वैली की बड़ी कंपनियों में से एक बन गई।

ऐसे खड़ी की 7 बिलियन डॉलर की कंपनी

साल 2019 में अरविंद जैन ने अपनी कंपनी ग्लीन की शुरुआत की। इसका मकसद ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों की उस बड़ी परेशानी को सुलझाना था, जहां उन्हें कंपनी के अलग-अलग ऐप्स और डॉक्यूमेंट्स में जरूरी जानकारी ढूंढने में बहुत ज्यादा समय लगता था। उनके नेतृत्व में यह कंपनी तेजी से आगे बढ़ी। साल 2022 में इसकी वैल्यू 1 बिलियन डॉलर थी जो 2024 में बढ़कर 4.6 बिलियन डॉलर हुई और 2025 में इसकी वैल्यू 7.2 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई। अरविंद जैन ने बताया कि एआई अभी उस स्तर पर नहीं पहुंचा है कि वह इंसान की जगह ले सके, कई टेक लीडर्स की चेतावनी के बीच जैन ने एआई को सिर्फ एक सहायक टूल ही बताया है।

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