Career Options In Engineering: इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग इंजीनियरिंग के दो अलग ब्रांच हैं। इनमें से कौन सा बेहतर, दोनों में क्या अंतर है, ये जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर-
Career Options In Engineering: 12वीं के बाद ज्यादातर छात्र इंजीनियरिंग का कोर्स करना पसंद करते हैं। लेकिन बीटेक के लिए कौन सा ब्रांच चुने, इसे लेकर युवाओं में बड़ी कंफ्यूजन रहती है। विशेषकर जब बात इलेक्ट्रिकल Vs इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की आती है तो छात्रों को पता नहीं होता है कि कौन सा ब्रांच चुनें और इनमें क्या अंतर है।
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (EE) की बात करें तो ये मुख्यत: बिजली और बिजली से जुड़े मैकेनिकल साइंस की पढ़ाई है। इस कोर्स में मुख्य रूप से स्टूडेंट उन डिवाइस या सिस्टम के बारे में जानते हैं जो बिजली, विद्युत चुंबकत्व का उपयोग करते हैं। साथ ही इलेक्ट्रिक मोटर, रडार और नेविगेशन सिस्टम आदि के बारे में पढ़ाया जाता है।
भारत में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर (Electrical Engineer Salary) की शुरुआती सैलरी करीब 4.5 लाख रुपये प्रति वर्ष है। सैलरी कितनी होगी ये इस बात पर निर्भर करता है कि आप अपने काम में कितने निपुण: हैं, आप कहां काम कर रहे हैं (कंपनी/शहर)। वहीं अनुभव बढ़ने के साथ ही सैलरी भी बढ़ती है।
बात करें इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ECE) कि तो इस ब्रांच में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का निर्माण, डिजाइन, परीक्षण आदि के बारे में बताया जाता है। इस कोर्स में सर्किट, माइक्रोप्रोसेसर और इंटीग्रेटेड सर्किट्स जैसे मुद्दे होते हैं। यह एक बहुमुखी क्षेत्र है।
भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के क्षेत्र में शुरुआती वेतन करीब 4 लाख प्रति वर्ष है। इस ब्रांच से डिग्री पाने के बाद, सैलरी आपके स्थान, कंपनी, अनुभव आदि कई बातों पर निर्भर करता है। वहीं साल दर साल, अनुभव के साथ सैलरी भी बढ़ती है।
इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हो या इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग दोनों ही ब्रांच बेहतर हैं। सैलरी की बात करें तो दोनों ही ब्रांच में लगभग एक जैसी सैलरी मिलती है। ऐसे में छात्रों को कोई भी ब्रांच चुनने से पहले ये देखना होगा कि उनकी दिलचस्पी किस क्षेत्र में है और वे भविष्य में क्या करना चाहते हैं।