आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने इस विवाद पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि इस सवाल का कोई राजनीतिक इरादा नहीं था।
IIT Kanpur की परीक्षा में हाल ही में पूछे गए एक सवाल को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद उठ खड़ा हुआ है। सवाल में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का जिक्र किया गया था, जिसके बाद यह मामला तूल पकड़ गया। Arvind Kejriwal खुद IIT Kharagpur से B.Tech कर चुके हैं।
सवाल में छात्रों से यह पूछा गया था कि अगर केजरीवाल पीएम मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम को सुनना चाहते हैं, लेकिन उनके पास एफएम चैनल सुनने के लिए पर्याप्त धन नहीं है क्योंकि उन्होंने चुनाव प्रचार में अधिकांश पैसा खर्च कर दिया है, तो वे किस तरह का फिल्टर डिज़ाइन करेंगे ताकि वे पीएम के प्रसारण को सुन सकें और अन्य रेडियो चैनलों का सिग्नल 60 डीबी तक कम कर सकें।
यह सवाल IIT कानपुर के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग (ESC कोर्स) की परीक्षा में 11 फरवरी को पूछा गया था। कॉलेज का कहना है कि इस सवाल का उद्देश्य छात्रों की तकनीकी समझ को परखना था। इसमें उन्हें एक फिल्टर डिजाइन करने के लिए कहा गया था, जो विविध भारती और अन्य एफएम चैनलों के सिग्नल को रोक सके और 105.4 मेगाहर्ट्ज की फ्रीक्वेंसी पर आने वाले प्रसारण को स्पष्ट रूप से सुना जा सके।
आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने इस विवाद पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि इस सवाल का कोई राजनीतिक इरादा नहीं था। उनका कहना था कि करंट अफेयर्स से जुड़े सवाल छात्रों को विषय की बेहतर समझ देने में मदद करते हैं। इसलिए करंट अफेयर्स से जोड़कर सवाल पूछे जाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि किसी छात्र द्वारा इस सवाल की फोटो वायरल किए जाने के बाद विवाद बढ़ा, हालांकि तकनीकी दृष्टिकोण से यह सवाल पूरी तरह अकादमिक था।
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