What is Doomjobbing: करियर की दुनिया में एक नया शब्द चर्चा का विषय बना हुआ है जिसे डूमजॉबिंग कहा जा रहा है। जानिए, क्यों ये एक खतरनाक संकेत है।
What is Doomjobbing: आज के डिजिटल युग में इंटरनेट पर घंटों समय बिताना आम बात हो गई है। सोशल मीडिया पर घंटों खराब खबरें या वीडियो देखने को डूमस्क्रॉलिंग कहा जाता है। हाल ही में करियर की दुनिया में एक नया शब्द चर्चा का विषय बना हुआ है जिसे डूमजॉबिंग कहा जा रहा है। आजकल युवा और कामकाजी लोग अपना ज्यादातर समय कई तरह के जॉब पोर्टल्स पर नई नौकरियां तलाशने और अप्लाई करने में बिता रहे हैं। यह सब देखने में प्रोग्रेस जैसे लगता है, लेकिन असल में यह आपके मेंटल पीस और करियर के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।
डूमजॉबिंग का मतलब होता है, बिना किसी टारगेट के लगातार नई जॉब्स के विज्ञापनों को देखना और उसके लिए अप्लाई करते रहना। यह एक तरह की मेंटल स्टेट है जहां इंसान सोचने लगता है कि वह अपने फ्यूचर के लिए कुछ बेहतर कर रहा है, जबकि वह केवल इनसिक्योरिटी और डर के कारण ऐसा कर रहा होता है।
जानकारों के मुताबिक, इसके पीछे कई साइकोलॉजिकल कारण हैं। इकोनॉमिक अनसर्टेनिटी, छंटनी की खबरें और सोशल मीडिया पर दूसरों की सफलता की चकाचौंध युवाओं को इनसिक्योर महसूस कराती है। इन सभी से बचने के लिए वे हर दूसरी नौकरी पर अप्लाई करना शुरू कर देते हैं। उन्हें लगता है कि बैकअप प्लान तैयार रखना जरूरी है, लेकिन यह 'बैकअप' ही उनकी करंट परफोर्मेंस को खराब करने लगता है।