
Diljit Dosanjh Supports CJP Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन अब राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ फिल्म इंडस्ट्री में भी चर्चा का विषय बन चुका है। कथित NEET अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चल रहे CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रदर्शन को लेकर कई फिल्मी हस्तियां अपनी राय रख चुकी हैं।
अब इस मुद्दे पर अभिनेता और सिंगर दिलजीत दोसांझ ने भी खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई और कहा कि उन्हें पहले की तरह एक बार फिर 'एंटी नेशनल' कहा जाएगा, लेकिन वह अपनी बात रखने से पीछे नहीं हटेंगे।
दिलजीत दोसांझ ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए प्रदर्शन कर रहे छात्रों के पक्ष में संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ जो व्यवहार हुआ, वह उचित नहीं था और सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जनता की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए और लोकतंत्र में संवाद सबसे जरूरी होता है।
अपने पोस्ट में दिलजीत ने यह भी लिखा कि उन्हें पहले भी कई बार 'एंटी नेशनल' कहा जा चुका है और इस बार भी ऐसा होने की पूरी संभावना है। उन्होंने याद दिलाया कि किसान आंदोलन के दौरान भी उन्होंने किसानों का समर्थन किया था, जिसके बाद उन्हें काफी आलोचनाओं और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अभिनेता का कहना है कि नागरिकों की समस्याओं पर बोलना देशविरोधी होना नहीं है। बता दें पिछले कई दिनों से दिलजीत दोसांथ की इस मामले पर चुप्पी के कारण उन्हें जमकर ट्रोल किया जा रहा था। उनकी कड़ी आलोचना की जा रही थी कि इस मामले पर अब तक वो चुप हैं।
सोमवार को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन CJP की ओर से 'संसद चलो' मार्च निकाला गया था। प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़े, जहां सुरक्षा बलों के साथ उनकी झड़प भी हुई। इस दौरान कई जगह बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की गई, जिसके बाद पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा कथित NEET गड़बड़ियां, शिक्षा सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग बताया गया।
दिलजीत दोसांझ से पहले भी कई कलाकार इस आंदोलन को लेकर अपनी राय दे चुके हैं। कुछ कलाकारों ने छात्रों की मांगों को सुनने की अपील की, जबकि कुछ ने सरकार के रुख का समर्थन किया। इस तरह मनोरंजन जगत भी इस मुद्दे पर दो हिस्सों में बंटा नजर आ रहा है।
दिलजीत ने अपने बयान में यह भी कहा कि किसान आंदोलन के समय उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से किसानों का समर्थन किया था, लेकिन उसके बाद उन्हें लगातार निशाना बनाया गया। उनका कहना है कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में नागरिकों की बात रखना गलत नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने अंत में सभी के लिए शांति और सद्भाव की कामना भी की।