
Harshad Chopda Lock Upp eviction: चर्चित रियलिटी शो 'लॉक अप: सच या सजा' अपने फिनाले वीक में पहुंच चुका है और दर्शकों के बीच यह जानने की उत्सुकता चरम पर है कि इस सीजन की ट्रॉफी किसके नाम होने वाली है। लेकिन ग्रैंड फिनाले से ठीक पहले शो में एक ऐसा इमोशनल और चौंकाने वाला मोड़ आया, जिसने पूरे देश के फैंस को हैरान कर दिया है। जहां बीते दिन हर्षद चोपड़ा के रुप में शो को अपना पहला फाइनलिस्ट मिल चुका था वो अब बाहर हो गए हैं। ऐसा क्यों और कैसे हुआ? आइये जानते हैं...
सोमवार के एपिसोड में जब बॉलीवुड एक्टर रितेश देशमुख लॉक-अप में पहुंचे, तो उन्होंने श्रेया से उस स्पेशल पावर का इस्तेमाल करने को कहा जिससे वह एक कंटेस्टेंट को घर से बाहर भेज सकती थीं। श्रेया ने बिना झिझक शिवांगी जोशी को शो से बेघर करने के लिए चुना। श्रेया का यह फैसला सुनते ही हर्षद चोपड़ा पूरी तरह टूट गए। उन्होंने श्रेया को अपना फैसला बदलने के लिए काफी मनाया, लेकिन श्रेया अपने स्टैंड पर कायम रहीं।
हर्षद को रोता और बेहद उदास देखकर रितेश देशमुख ने उनके सामने एक बड़ा ऑफर रख दिया। रितेश ने कहा कि अगर वह चाहें तो खुद एलिमिनेट होकर शिवांगी जोशी को बचा सकते हैं। हर्षद ने बिना एक पल गंवाए इस प्रस्ताव को मान लिया और शिवांगी के लिए शो छोड़ने का फैसला किया। इस तरह हर्षद चोपड़ा खुद टर्मिनेट हो गए और उनकी जगह शिवांगी जोशी शो की पहली फाइनलिस्ट बन गईं। हर्षद के जाने के बाद शिवांगी फूट-फूटकर रोने लगीं, हालांकि बाद में उनकी श्रेया के साथ तीखी बहस भी देखने को मिली।
हर्षद चोपड़ा के इस फैसले पर नेटिजन्स और फैंस दो धड़ों में बंट गए हैं। एक यूजर ने लिखा, "हर्षद चोपड़ा.. इतना भी महान नहीं बनना चाहिए था भाई! दोस्ती बाहर निभाता, अपना गेम खेलता।" दूसरे ने लिखा, "शिवांगी का रोना नकली लग रहा है। उसने हर्षद को कुर्बानी देने के लिए मजबूर किया और अब विक्टिम कार्ड खेल रही है। वही एक अन्य ने लिखा, "चाहे ट्रॉफी कोई भी जीते, यह सीजन हमेशा इसलिए याद रखा जाएगा क्योंकि हर्षद चोपड़ा ने फिनाले की जगह कुर्बान कर दी। कुछ लोग टाइटल जीतते हैं, तो कुछ दिल!" वहीं, कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि 'लॉक अप: सच या सजा' का ग्रैंड फिनाले 5 अगस्त, 2026 को होने जा रहा है।