
Kangana Ranaut: पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर चल रहा CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) का प्रदर्शन खत्म हो चुका है। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुई रील्स और उनमें इस्तेमाल की गई भाषा को लेकर एक्ट्रेस और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लंबा नोट करते हुए Gen Z के व्यवहार और अभिव्यक्ति पर सवाल उठाए।
कंगना रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि उन्होंने एक ही जगह पर इतनी बदसूरती पहले कभी नहीं देखी। उनके मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान बनाई गई रील्स और उनमें इस्तेमाल की गई भाषा बेहद आपत्तिजनक थी। उन्होंने कहा कि हर फ्रेम में उन्हें अजीब और असहज करने वाली चीजें दिखाई दीं और इन वीडियो को देखकर उन्हें "उल्टी आने जैसा" फील हुआ।
अपने नोट में कंगना ने प्रदर्शनकारियों की परवरिश पर भी सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि भारत सांस्कृतिक विविधता और सभ्यता वाला देश है, लेकिन इन रील्स में दिखाई गई भाषा और व्यवहार उस छवि से बिल्कुल अलग है। उन्होंने पूछा कि ऐसे लोगों को "कौन पैदा कर रहा है और पाल-पोस रहा है?"
इसका साथ ही, कंगना ने आगे लिखा कि अगर प्रदर्शनकारी खुद को कॉकरोच कहते हैं और उसी तरह का व्यवहार भी करते हैं, तो ये विरोधाभास नहीं बल्कि उनकी सोच और प्रस्तुति को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी सामग्री दुनिया के सामने भारत की नकारात्मक तस्वीर पेश करती है।
पोस्ट के लास्ट में एक्ट्रेस ने कहा कि इन रील्स को देखने के बाद वो मानसिक रूप से परेशान महसूस कर रही हैं। उन्होंने लिखा कि उन्हें कुछ समय के लिए डिजिटल डिटॉक्स और मानसिक राहत की जरूरत है।
दरअसल, सोशल मीडिया पर इस दौरान कंगना रनौत के नाम से एक इंस्टाग्राम स्टोरी भी वायरल हुई, जिसमें दावा किया गया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्हें शिक्षा मंत्री बनाए जाने की मांग की है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक ये पोस्ट फर्जी है और कंगना ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर ऐसा कोई संदेश नोट नहीं किया।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे में कहा था कि वो चार दशक से अधिक समय से शिक्षा और छात्रों के हित में काम करते रहे हैं। उन्होंने लिखा कि पेपर लीक विवाद के दौरान उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से कभी पीछे नहीं हटे और उनका उद्देश्य था कि किसी भी योग्य छात्र के साथ अन्याय न हो। प्रधान के इस्तीफे के बाद 25 जुलाई 2026 को प्रल्हाद जोशी ने नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में मंत्रालय का कार्यभार संभाला।