
Kangana Ranaut Protesters Statement: बीजेपी सांसद और बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत आये दिन सोशल मीडिया पर कुछ न कुछ पोस्ट करके सनसनी मचा देती हैं। बीते सोमवार शाम की कंगना रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक मैसेज शेयर किया, जिसमें उन्होंने "वेस्टर्नाइज्ड भारतीय महिलाओं" के एक खास ट्रेंड की आलोचना की। बता दें कि उन्होंने ये टिप्पणी उन्होंने NEET परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए 'जेन Z' प्रोटेस्ट वाले वीडियो पर की थी। आज एक्ट्रेस ने एक और स्टोरी पोस्ट की है, जिसमें उन्होंने, प्रदर्शनकारियों की पिटाई पर निशाना साधते हुए कहा है कि अगर जब बोलते हो तो सुनना भी पड़ेगा।
कंगना रनोत ने अपनी लेटेस्ट स्टोरी में लिखा, 'जो प्रदर्शनकारी अपनी गंदी और अपमानजनक रीलों की वजह से आम लोगों द्वारा सड़कों पर पीटे जा रहे हैं और उनके साथ दुर्व्यवहार हो रहा है, उन्हें यह समझना चाहिए कि जब बोलते हो तो सुनना भी पड़ेगा। अगर तुम सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाओगे, तो जनता भी तुम्हें नुकसान पहुंचाएगी। अगर तुम्हें इस देश और इसकी नेतृत्व व्यवस्था से समस्या है और तुमने सार्वजनिक रूप से बहुत गंदी-गंदी गालियां दी हैं, तो अब उनकी भी सुनो। जो इस देश से प्यार करते हैं और इस सरकार को वोट देकर सत्ता में लाए हैं, उन्हें भी बोलने का अधिकार है। अब रोने वाली कोई बात नहीं है।
हर क्रिया की बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है। अगर अभी तक पढ़ाई करके भी कारण और परिणाम (Cause and Effect) नहीं समझ आया था, तो अब आ जाएगा, और बहुत अच्छे से समझ आएगा।
अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर कंगना रनौत ने लिखा, "सबसे चौंकाने वाली बात युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार है, जो आजाद करियर वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल तो करना चाहती हैं, लेकिन उस आजादी को खुद कमाती नहीं हैं।"
उन्होंने उन महिलाओं की तारीफ की जो आर्थिक और व्यक्तिगत रूप से आजाद हैं। उन्होंने कहा, "जो महिलाएं सच में आजाद होती हैं, वो बागी फैसले लेती हैं। उनकी राय बेबाक होती है। वो करियर में लीक से हटकर फैसले लेती हैं और अपने कामों की जिम्मेदारी भी लेती हैं। उन्हें ऐसा करना पड़ता है क्योंकि वो अकेले होती हैं। वो अपने माता-पिता और परिवार के खर्च पर ऐसा नहीं करतीं।"
इतना ही नहीं उन्होंने कुछ महिलाओं को "जेनरेशन गटर" (गटर वाली पीढ़ी) भी कहा। उन्होंने लिखा, "यहां कथिततौर पर वेस्टर्नाइज्ड भारतीय महिलाओं की एक नई पीढ़ी है। मैं उन्हें 'जेनरेशन गटर' कहती हूं।"
कंगना ने आगे कहा, "उनमें से कुछ के पास सिस्टम को देने के लिए कुछ नहीं है; वो पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं, लेकिन वो इतनी भद्दी और भ्रष्ट हैं कि अच्छी होम-मेक भी नहीं बन सकतीं। फिर भी, वो ड्रग्स लेने, शराब पीने या कई लोगों के साथ फिजिकल रिलेशन बनाने की अपनी आजादी का गर्व से दिखावा करती हैं। वो बिना सच में आजाद हुए, आजाद जिंदगी जीने के लिए लड़ती रहती हैं और बेशर्मी से अपने पेरेंट की कमाई का दुरुपयोग करती हैं।"
आखिर में उन्होंने लिखा, "आजाद जिंदगी कमानी पड़ती है। अगर आप जिम्मेदाई लिए बिना आजाद जिंदगी जीने की कोशिश करते हैं, तो आप बस एक बिगड़ी हुई चीज हैं। गटर छाप।"
बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब कंगना रनौत ने हाल के दिनों में युवाओं के बारे में बात की है। NEET से जुड़े विरोध-प्रदर्शनों के वीडियो वायरल होने के बाद, उन्होंने कहा कि इन क्लिप्स को देखकर उन्हें लगा कि उन्हें "थोड़ी हीलिंग" और "डिजिटल डिटॉक्स" की ज़रूरत है। इन बातों पर ऑनलाइन काफी चर्चा भी हुई। एक्ट्रेस ने कहा था, "आप खुद को कॉकरोच कहते हैं और उन्हीं की तरह दिखते और बर्ताव भी करते हैं… इसमें कोई अंतर नहीं है, बस आप दुनिया को अपनी गंदगी, कचरे और बदसूरती दिखा रहे हैं।
इन रील्स से मैं परेशान हो गई हूं, मुझे थोड़ी हीलिंग और डिजिटल डिटॉक्स की जरूरत है।"
प्रोफेशनल फ्रंट की बात करें तो हाल ही में कंगना रनौत फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' में नजर आयीं थीं। मनोज तापड़िया के डायरेक्शन में बनी ये फिल्म कामा हॉस्पिटल की उन नर्सों और स्टाफ की सच्ची कहानी पर आधारित है, जिन्होंने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों के दौरान मरीजों की जान बचाई थी।