Urmila Bhatt Murder Mystery: एक्ट्रेस उर्मिला भट्ट, जिन्होंने ‘रामायण’ में सीता की मां सुनैना का किरदार निभाया, उनकी 1997 में घर में निर्मम हत्या हुई थी। एक दिन बाद लाश मिलने से सभी हैरान रह गए। उन्होंने कई फिल्मों में अमिताभ बच्चन की मां का रोल भी निभाया था।
Urmila Bhatt Murder Mystery: लगभग 39 साल पहले दूरदर्शन पर एक धारावाहिक प्रसारित होता था 'रामायण', जिसे रामानंद सागर ने बनाया था। इस धारावाहिक ने अरुण गोविल, दीपिका चिखलिया, सुनील लहरी, अरविन्द त्रिवेदी जैसे दिग्गज कलाकार इंडस्ट्री को दिए। हालांकि, इस धारावहिक के कई ऐसे कलाकार हैं, जो या तो गुमनानी के अंधेरे में कहीं खो गए या फिर इस दुनिया को अलविदा कह चले। इसमें से ही एक थीं एक्ट्रेस उर्मिला भट्ट, जिनकी निर्मम हत्या ने इंडस्ट्री को हिला कर रख दिया था। एक्ट्रेस उर्मिला भट्ट ने 'रामायण' में माता सीता की मां 'रानी सुनैना' का किरदार निभाया था।
हालांकि, उर्मिला भट्ट ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत फिल्मों से की थी। कई फिल्मों में उन्होंने अमिताभ बच्चन, दिलीप कुमार, सुनील दत्त और राज कुमार तक के साथ काम किया। इतना ही नहीं कई फिल्मों में वो अमिताभ बच्चन की मां के किरदार में भी नजर आईं, लेकिन उनको असली पहचान रामानंद सागर की 'रामायण' से मिला था। इस टीवी सीरियल में उन्होंने माता सीता की मां और राजा जनक की पत्नी रानी सुनैना का किरदार निभाया था। उनके इस किरदारक को आज भी याद किया जाता है। अपनी फिल्मों और टीवी सीरियल्स से उन्होंने खूब नाम कमाया लेकिन उनका अंत बहुत ही दर्द भरा और खौफनाक हुआ। उर्मिला भट्ट की 1997 में निर्मम हत्या कर दी गई थी और एक दिन बाद लाश मिली थी, जिससे सब सन्न रह गए थे। जानिए पूरी कहानी, क्या हुआ था।
खबरों के मुताबिक, 1997 में एक दिन उर्मिला भट्ट के ही घर से उनकी लाश मिली। दरअसल, जब उनकी हत्या हुई थी, तब उनके बच्चे बाहर घूमने गए हुए थे और उनके पति भी किसी काम के सिलसिले में शहर से बाहर थे, उर्मिला घर में अकेली थीं। जब उनके घर का दरवाजा खोला गया तो घर में उनकी लाश मिली। पुलिस की जांच में घर से सारा कीमती सामान चोरी होने की बात सामने आई, वहीं पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
'रेडिफ' की एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस की जांच और पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट से इस बात का खुलासा हुआ कि पहले उर्मिला भट्ट के हाथ पैरों की रस्सी से बाँधा गया था, उसके बाद उनका गला किसी धारदार हथियार से काटा गया था। उनके हाथ-पैरों पर बांधे जाने के निशान थे। इसके साथ ही ये भी पता चला कि उर्मिला की मौत 22 फरवरी 1997 को ही हो चुकी थी, पर लाश अगले दिन 23 फरवरी को मिली थी। पुलिस ने बताया था कि उर्मिला की हत्या का तब पता चला जब दामाद विक्रम पारिख 23 फरवरी को उनसे मिलने उनके घर गए। काफी देर तक दरवाजे की घंटी बजाई, पर कोई जवाब नहीं मिला। उर्मिला भट्ट दरवाजा खोलने भी नहीं आईं।
पुलिस की जांच के दौरान पड़ोसियों से बात करने पर पता चला कि घर का नौकर भी आया था। उसने कई बार घंटी बजाई, पर कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला तो वह वापस लौट गया। वहीं, जब उनके दामाद और बेटी रचना को बुलाया गया और उन्होंने देखा कि घर का सारा सामान बिखरा पड़ा है, मां का गला कटा हुआ, वह खून से लथपथ पड़ी थीं। घर पर वह अकेली थीं क्योंकि पति किसी काम के सिलसिले में बाहर गए थे।
इस हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाने के लिए एक स्पेशल टीम बनाई गई और अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या और लूटपाट की धाराएं लगाकर केस दर्ज किया गया। महीनों तक जांच-पड़ताल चली, पर कुछ हाथ नहीं लगा। उर्मिला भट्ट की हत्या को 29 साल पूरे हो चुके हैं, पर आज तक न तो मामला सुलझा और ना ही हत्यारे पकड़ में आए।
ख़बरों के मुताबिक, उर्मिला भट्ट कॉलेज के दौरान थिएटर और गुजराती सिनेमा में एक्टिव थीं, उसी दौरान बी.आर. चोपड़ा की नजर उन पर पड़ीं और उन्होंने उर्मिला को अपनी फिल्म ‘हमराज’ (1967) ऑफर की। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में काम किया। 1986 में रामानंद सागर ने उन्हें ‘रामायण’ में सुनैना का रोल दिया और उनकी जिंदगी बदल गई।