
Geetika Vidya on Satluj Controversy: OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 पर स्ट्रीमिंग शुरू होने के मात्र 48 घंटे बाद दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को हटाए जाने के बाद कई सेलिब्रिटीज ने इसके समर्थन में बात की है। अब, फिल्म की लीड एक्ट्रेस गीतिका विद्या ने इस विवाद पर एक इमोशनल नोट लिखा है। आइए जानते हैं एक्ट्रेस ने अपने नोट में क्या कुछ लिखा।
अपनी पोस्ट में सतलुज एक्ट्रेस गीतिका ने फिल्म का एक सीन शेयर किया जिसमें वो दिलजीत दोसांझ के साथ खड़ी हैं और दोनों ने दो बच्चों का हाथ पकड़ा हुआ है। फिल्म की शूटिंग का समय याद करते हुए उन्होंने लिखा, "चार साल तक हमने इस फिल्म को चुपचाप अपने दिलों में संजोए रखा, इस उम्मीद में कि एक दिन हम इसे आपके साथ शेयर कर पाएंगे। आज, वो उम्मीद पूरी भी लगती है और अधूरी भी, क्योंकि 'सतलुज' को कुछ जगहों पर अपनी आवाज मिल रही है, जबकि दूसरी जगहों पर इसे दबा दिया गया है।"
उन्होंने आगे कहा, "बीबी परमजीत की दुनिया में कदम रखना और जसवंत सिंह खालरा जी और उस परिवार की कहानी बताने में दिलजीत दोसांझ के साथ खड़ा होना गर्व की बात थी, जिनके प्यार ने उन हालात का सामना किया जिन्हें शब्दों में पूरी तरह बयां नहीं किया जा सकता। निर्देशक हनी त्रेहान के फैसले की तारीफ करती हूं। जैसा कि वो हमेशा कहते हैं: #Nirbhau #Nirvair। और जैसा कि जसवंत सिंह खालरा जी हमेशा कहते थे: #challengethedarkness।"
फिल्म 'सतलुज' को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। ZEE5 से हटाए जाने के बाद अब फिल्म की IMDb रेटिंग भी प्लेटफॉर्म से गायब हो गई है। रिलीज के बाद फिल्म को IMDb पर 9.5 की शानदार रेटिंग मिली थी, लेकिन बुधवार को ये रेटिंग अचानक दिखाई देना बंद हो गई, जबकि उसी समय रिलीज हुई दूसरी फिल्मों की रेटिंग सामान्य रूप से उपलब्ध थी। इस पर फिल्म के लेखक निरेन भट्ट ने हैरानी जताते हुए कहा कि उन्हें इस बारे में किसी तरह की कोई आधिकारिक जानकारी या सूचना नहीं दी गई। वहीं, फिल्म निर्माता संजय गुप्ता ने भी सोशल मीडिया पर इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल उठाए।
फिल्म 'सतलुज' की IMDb रेटिंग अचानक गायब होने पर निर्देशक संजय गुप्ता ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई। उन्होंने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "कल तक फिल्म की रेटिंग 9.5 थी, आज गायब हो गई। वैसे भी मैंने कभी IMDb की रेटिंग पर भरोसा नहीं किया, लेकिन इस घटना ने साबित कर दिया कि यह कितना फर्जी (bogus) प्लेटफॉर्म है।" संजय गुप्ता का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और कई यूजर्स ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
बता दें कि एक सरकारी अधिकारी ने PTI से बात करते हुए बताया, "उन्होंने सुझाए गए कट पर कोई कार्रवाई नहीं की और आखिरकार एक नए टाइटल के साथ चुपचाप OTT पर फिल्म रिलीज कर दी। OTT, CBFC के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। जब यह मामला सरकार के संज्ञान में आया, तो Zee5 से फिल्म हटाने को कहा गया। देश की सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण ऐसा निर्देश दिया गया था। OTT प्लेटफॉर्म से इंटरमीडियरी गाइडलाइंस के तहत नियमों का पालन करने को कहा गया था। अगर वे सिनेमाघरों और OTT पर फिल्म रिलीज करना चाहते हैं, तो उन्हें तय नियमों का पालन करना चाहिए।"
'सतलुज', जिसका पहले नाम 'पंजाब 95' था, पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की जिंदगी से प्रेरित है। उन्होंने 1984 और 1994 के बीच लगभग 25,000 अज्ञात शवों के कथित अंतिम संस्कार की जांच की थी। फिल्म में 1995 में उनके अपहरण और उसके बाद 2005 में खालरा के अपहरण और हत्या के लिए पंजाब पुलिस के चार कर्मियों को दोषी ठहराए जाने की कहानी दिखाई गई है। उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।