इटावा

Ayodhya Ram Mandir Scam: ‘BJP सरकार बेईमान है, छोटे लोग पकड़े जाते हैं’, अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर शिवपाल ने दी प्रतिक्रिया

Ayodhya Ram Mandir Theft: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बने राम मंदिर चढ़ावा चोरी (Ram Mandir Donation Theft) मामले पर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी (Ram Mandir Theft) एवं इस मामले की जांच कर रही SIT पर वरिष्ठ समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल सिंह यादव (Samajwadi Party Leader Shivpal Yadav) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
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Jul 03, 2026
राम मंदिर में चंदा चोरी
राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद (फाइल फोटो-पत्रिका)

Ayodhya Ram Mandir Scam: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी (Ram Mandir Donation Theft) मामले पर इटावा में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव (Samajwadi Party National General Secretary Shivpal Singh Yadav) ने बीजेपी और यूपी सरकार पर निशाना साधा है। शिवपाल यादव ने बीजेपी सरकार को बेईमान बताया है।

शिवपाल बोले- बड़े लोगों को बचाया जा रहा है

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की कार्रवाई पर शिवपाल यादव ने कहा- भाजपा सरकार बेईमान सरकार है। भगवान राम के मंदिर में चोरी हो जाती है। छोटे-छोटे लोग पकड़े गए, लेकिन बड़े लोगों को बचाया जा रहा है। जिन बड़े लोगों को बचाया जा रहा है। उन्हें भी जेल भेजा जाए, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। शिवपाल ने कहा- उत्तर प्रदेश की जनता से अपील है कि जो लोग चोरों को बचा रहे हैं, उन्हें आने वाले चुनाव में हटाया जाए।

बैंक कर्मचारियों से SIT ने की पूछताछ

SIT की टीम राम मंदिर चढ़ावा चोरी से जुड़े हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। SIT ने राम जन्मभूमि परिसर में ही बैंक कर्मचारियों को तलब किया है। SIT ने बैंककर्मियों से बंद कमरे में लंबी पूछताछ की है। जांच टीम बैंककर्मियों से वित्तीय लेनदेन और चंदा कलेक्शन से जुड़े तकनीकी पहलुओं को समझ रही है। अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ में मिले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां या कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

चंपत राय और अनिल मिश्रा से 4 घंटे पूछताछ

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बृहस्पतिवार को SIT ने चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव से करीब 4 घंटे तक पूछताछ की थी। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान जांच टीम को कई महत्वपूर्ण सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं मिले। आने वाले समय में राम मंदिर ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों से पूछताछ का दायरा और ज्यादा बढ़ाया जाएगा।