
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की वापसी के बाद से अवैध निर्माण पर बुलडोजर की कार्रवाई चालू है। इसी कड़ी में अब बुलडोजर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के गांव सैफई से भी होकर गुजरने वाला है। जिसे लेकर इटावा के प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग ने सैफई-इटावा रोड पर बने मकानों और दुकानों पर लाल निशान लगा दिए हैं। यहां अगले कुछ दिनों में बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण (illegal encroachment) को गिराने का काम किया जाएगा।
अतिक्रमण को लेकर चिन्हीकरण पूरा
पीडब्लूडी के अधिकारियों के मुताबिक, सैफई-इटावा की मुख्य सड़क पर अतिक्रमण अभियान चलाकर सड़क को चौड़ा कर नई सड़क बनाने का फिलहाल कोई प्लान नहीं है और न ही सरकार की तरफ से सड़क बनाने का विभाग को कोई बजट भेजा गया है। उनका कहना है कि सरकार ने अपने आदेश में कहा गया है कि विभाग सिर्फ अपनी जगह को खाली करायेगा। प्रांतीय खंड लोकनिर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि सरकार की तरफ से दिए गए आदेश के बाद जल्द ही सैफई में बुलडोजर चलाया जाएगा। इसलिए अतिक्रमण को लेकर चिन्हीकरण किया गया है।
सोमवार से आगे की प्रक्रिया शुरू
गौरतलब है कि सैफई में पीडब्लूडी द्वारा सैफई के दुमीला बॉर्डर से इटावा शहर क्षेत्र के आईटीआई तक सड़क के दोनों ओर लोकनिर्माण विभाग अपनी जगह में आने वाले अतिक्रमण को चिन्हित कर रहा है। पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड की तीन टीमें इस काम में लगी हुईं थीं। हालांकि शुक्रवार को राजनीतिक दबाव बढ़ने के कारण सर्वे के काम को बंद कर दिया गया। हालांकि टीम द्वारा सैफई के हेंवरा तक लाल निशान से चिन्हांकन कर लिया गया है। अब सोमवार से एकबार फिर से आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इन नेताओं के आवास भी निशाने पर
बता दें कि अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव के आवास की एक दीवार समेत पूर्व सांसद मैनपुरी तेज प्रताप यादव का एक प्लॉट और उनके करीबियों के बाजार और दुकानें भी शामिल हैं। इसके अलावा सैफई क्षेत्र में डिग्री कॉलेज समेत जिला पंचायत का इंटर कॉलेज के अलावा सैफई थाने की दीवार और कई अन्य सरकारी भवन भी इसकी जद में आ रहे हैं।