इटावा

जन्मदिन समारोह के बाद शिवपाल की महारैली में भी मुलायम के शामिल होने पर संशय कायम

9 दिसंबर की पीएसपी-बीएमएम की सयुक्ंत रैली में नेता जी के शामिल होने को लेकर संशय कायम.
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Nov 28, 2018
Shivpal Mulayam
Shivpal Mulayam

इटावा. आगामी 9 दिसंबर को राजधानी लखनऊ में आयोजित प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया की रैली में समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के शामिल होेने को लेकर अभी तक पार्टी की ओर से संशय बना हुआ है।

मुलायम कभी भी आ सकते हैं पार्टी दफ्तर में-

पीएसपी के राष्टीय महासचिव रामनरेश यादव मिनी ने इटावा में पीएसपी कार्यालय पर आयोजित एक पत्रकार वार्ता में कहा कि नेता जी पार्टी के मालिक हैं। जब उनका मन होगा तब वो आ जाएंगे, लेकिन जब उनसे पूछा गया कि जन्मदिन के मौके पर उनका सैफई आने का कार्यक्रम था फिर भी वे नहीं आये, तो इसपर उनका कहना है कि वो कभी भी पार्टी आफिस आ सकते हैं। उनको किसी से भी पूछ कर आने की कोई जरूरत नहीं है।

मुलायम के न आने से पड़ा बड़ा असर-

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया की ओर से मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन के मौके पर समारोह का आयोजन किया गया था। अगर मुलायम सिंह यादव इस समारोह में हिस्सेदारी करने के लिए पहुंचते तो निश्चित है कि इसका असर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर प्रभावी ढंग से पड़ता। लेकिन मुलायम सिंह यादव ने पीएसपी के कार्यक्रम से अपने को दूर रखने का मन बनाया। ऐसे मे पीएसपी के उन समर्थकों के सामने बड़ी कठिनाई खड़ी हो गई है जो नेता जी के नाम पर आये थे क्योंकि यह उम्मीद जताई गई थी कि नेता जी का आर्शीवाद समाजवादी पार्टी नहीं प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया को मिल रहा है।

शिवपाल समर्थकों को झटका-
समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन दिवस को लेकर सैफई के मास्टर चंदगीराम स्पोर्ट्स स्टेडियम परिसर में विशाल दंगल का आयोजन हुआ था, जिसमें मुलायम सिंह यादव के पहुंचने की पूरी पूरी संभावनाए जताई जा रही थी। मुलायम सिंह यादव की तरफ से इस बात के संकेत भी दे दिए गए थे कि वह इस समारोह में अपर्णा यादव के साथ में हिस्सेदारी करने के लिए पहुंचेंगे, लेकिन ऐन मौके पर मुलायम सिंह यादव ने सैफई आने का अपना कार्यक्रम निरस्त कर दिया। इससे शिवपाल समर्थकों को बड़ा झटका लगा है। नतीजे के तौर पर शिवपाल सिंह यादव ने मुलायम सिंह यादव को लेकर के खासी नाराजगी यह कहते हुए जताई है कि नेताजी चापलूसों और चुगलखोरों से घिरे हुए हैं। नेता जी को इस समारोह में आना चाहिए था, लेकिन नेताजी इस समारोह में नहीं आए। नेताजी चापलूसी और चुगलखोरों से सजग रहे। यदि मुलायम यहां पहुंचते तो शिवपाल सिंह यादव का वजूद सैफई और इटावा के आसपास के इलाकों में व्यापक हो जाता, लेकिन मुलायम सिंह यादव की गैर हाजिरी में उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।

मुलायम देखने चाहते हैं अखिलेश को आगे?

जब मुलायम सिंह यादव अपने जन्मदिन समारोह में हिस्सेदारी करने के लिए नहीं पहुंचे हैं तो सैफई के लोगों से यह बात भी कहते हुए सुनी गई है कि मुलायम सिंह यादव अपने भाई के मुकाबले बेटे के साथ में खड़े हुए हैं और वह समाजवादी पार्टी को आगे बढ़ते हुए देखना चाहते है। इसी कारण उन्होने जन्मदिन समारोह से दूरी बना ली है ।

Updated on:
28 Nov 2018 11:16 pm
Published on:
28 Nov 2018 11:16 pm