त्योहार

Sundar Mundariye Lohri Song : ‘सुंदर मुंदरिए तेरा कौन विचारा…’ इस गीत के बिना अधूरी है लोहड़ी, पढ़ें पूरे लिरिक्स

Sundar Mundariye Lohri Song Lyrics : लोहड़ी का पर्व ‘सुंदर मुंदरिए’ गीत के बिना अधूरा माना जाता है। यहां पढ़ें सुंदर मुंदरिए लोहड़ी गीत के पूरे बोल, दुल्ला भट्टी की कहानी और लोहड़ी 2026 की पूरी जानकारी।
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Jan 13, 2026
Sundar Mundariye Lohri Song
Sundar Mundariye Lohri Song : ‘सुन्दर मुंदरिए तेरा कौन विचारा लोहड़ी गीत लिरिक्स’ (फोटो सोर्स: AI image@Gemini)

Sundar Mundariye Lohri Lyrics : जब लोहड़ी का समय आता है, तो आप 'सुंदर मुंदरिये' गाना गुनगुनाना आप छोड़ ही नहीं सकते। इसके बिना लोहड़ी अधूरी है। जिस पल लोग - बच्चे और बड़े - अलाव के चारों ओर इकट्ठा होते हैं और साथ में गाते हैं, तभी आपको सच में महसूस होता है कि यह त्योहार किस बारे में है। यह पुराना लोक गीत सिर्फ़ सुनने में अच्छा नहीं है; यह दुल्हा भट्टी की कहानी से जुड़ा है, जो एक पंजाबी हीरो थे जिन्होंने मुगल अधिकारियों का सामना किया और सुंदरी और मुंदरी नाम की दो लड़कियों को बचाया। आज भी, यह कहानी इन बोलों के जरिए जिंदा है।

लोहड़ी सुंदर मुंदरिये गाने के बोल (Sunder Mundriye Song Lyrics)

'सुंदर मुंदरिये' क्यों जरूरी है

सुन्दर मुंदरिए

तेरा कौन विचारा

दुल्ला भट्टीवाला

दुल्ले दी धी व्याही

सेर शक्कर पायी

कुड़ी दा लाल पताका

कुड़ी दा सालू पाटा

सालू कौन समेटे

मामे चूरी कुट्टी

जिमींदारां लुट्टी

जमींदार सुधाए

गिन गिन पोले लाए

इक पोला घट गया

ज़मींदार वोहटी ले के नस गया

इक पोला होर आया

ज़मींदार वोहटी ले के दौड़ आया

सिपाही फेर के ले गया

सिपाही नूं मारी इट्ट

भावें रो ते भावें पिट्ट

साहनूं दे लोहड़ी

तेरी जीवे जोड़ी

साहनूं दे दाणे तेरे जीण न्याणे

'सुंदर मुंदरिये' क्यों जरूरी है | Sundar Mundariye Lohri Song Lyrics

यह गाना सिर्फ एक परंपरा नहीं है - यह दुल्हा भट्टी को श्रद्धांजलि है, जो लोक नायक थे जिन्होंने कमज़ोरों के लिए आवाज़ उठाई। उन्होंने सुंदरी और मुंदरी जैसी लड़कियों की रक्षा की, उनकी शादियां करवाईं, और अन्याय से सीधे लड़ाई लड़ी। हर बार जब हम 'सुंदर मुंदरिये' सुनते या गाते हैं, तो यह उनकी बहादुरी और इस बात की याद दिलाता है कि ज़रूरतमंदों की मदद करना सबसे अच्छे कामों में से एक है जो आप कर सकते हैं।

13 जनवरी को लोहड़ी मनाई जाएगी

ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि 13 जनवरी को लोहड़ी मनाई जाएगी और इस बार मकर सक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी। इस दिन रात के समय सभी लोग एक जगह इकट्ठा होते हैं और आग जलाते हैं। हर साल लोहड़ी का त्योहार मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाता है। पंजाबी समुदाय के लोग इस त्योहार को बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं। लोहड़ी के शुभ अवसर पर लोग एक-दूसरे को मिठाइयां भेंट करते हैं और शुभकामनाएं देते हैं। यह पर्व नई फसल आने की खुशी में मनाया जाता है। इस दिन रात के समय सभी लोग एक जगह इकट्ठा होते हैं और आग जलाते हैं। इस अलाव में गेहूं की बालियां, रेवड़ी, मूंगफली, खील, चिक्की और गुड़ से बनी चीजें अर्पित की जाती हैं। पंजाबियों के लिए यह त्योहार काफी महत्व रखता है। इस त्योहार के दिन पंजाबी गीत और डांस का आनंद लिया जाता है। यह त्योहार मुख्यतः नई फसल की कटाई के मौके पर मनाया जाता है और रात को लोहड़ी जलाकर सभी रिश्तेदार और परिवार वाले पूजा करते हैं। लोहड़ी से कई लोक और पौराणिक कथाएं भी जुड़ी हुई हैं जिनके कारण यह त्यौहार मनाया जाता है। भंगड़े के साथ डांस और आग सेंकते हुए खुशियां मनाने का पर्व है लोहड़ी।

Updated on:
13 Jan 2026 12:34 pm
Published on:
13 Jan 2026 12:34 pm