बच्चे की ग्रोथ के टाइम (Child Growth Time) सही खानपान की सख्त जरूरत होती है। क्योंकि केवल दूध से बच्चे को सारे पोषण नहीं मिल पाते।
अगर कोई महिला पहली बार मां बनी हैं तो बच्चे की परवरिश आपके लिए कई बार मुश्किल हो सकती है। हालांकि इसको लेकर घर के बड़े-बुजुर्ग गाइड करते हैं। लेकिन परिवार से दूर रहने वाली माताओं के लिए कई बार बच्चे की जरूरतों को समझना मुश्किल हो जाता है। विशेषतौर पर बच्चे की ग्रोथ के टाइम (Child Growth Time) सही खानपान की सख्त जरूरत होती है। क्योंकि केवल दूध से बच्चे को सारे पोषण नहीं मिल पाते। ऐसे में उसे क्या खिलाया जाए जिससे कि उसकी हेल्थ को नुकसान ना हो। कई बार अनजाने में मां इन फूड्स को बेबी को खिला देती है। जिससे हेल्थ को नुकसान होने का खतरा रहता है। अगर आपका बच्चा 1 साल से छोटा है तो उसे खाने की इन नीचे दी गई 7 चीजों को बिल्कुल भी नहीं दें।
गाय का दूध (Cow Milk)
आपको बता दें कि गाय के दूध में ढेर सारे न्यूट्रिशन होते हैं परंतु 12 महीने से कम उम्र के बच्चों के लिए यह सूटेबल नहीं होता है। क्योंकि गाय के दूध में हैवी प्रोटीन और मिनरल्स होते हैं। जो बच्चे की ग्रोथ कर रही किडनी पर स्ट्रेस डालते हैं। जिसकी वजह से बच्चे के डाइजेस्टिव सिस्टम को खराब कर देती है।
रिफाइंड शुगर (Refind Suger)
सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने माता-पिता को सलाह दी है कि 2 साल से कम के बच्चों को अलग से चीनी खाने को नहीं दें। किसी फूड में एक्स्ट्रा चीनी मिलाकर देना ना केवल दांत खराब कर देता है बल्कि इससे बच्चे को केवल मीठा खाना ही पसंद आता है। इस वजह से बड़े होने पर टाइप 2 डायबिटीज और दूसरे क्रॉनिक डिसीज का खतरा होता है।
शहद (Honey)
शहद एक ऐसी चीज है जिसमें एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं और ये बच्चों की इम्यूनिटी बढाता है। लेकिन एक साल से कम उम्र के बच्चों को शहद नहीं खिलाना चाहिए। शहद खाने से बच्चों की सेहत को वहीं खतरा होता है जो चीनी खाने से होता है।
नमक (Salt)
7 से 12 महीने के बच्चों को रोज करीब 0.37 ग्राम सोडियम की जरूरत होती है। यह जरूरत बच्चे के लिए फार्मूला मिल्क या ब्रेस्ट मिल्क से पूरी हो जाती है। ऐसे में बच्चे के खाने में अलग से नमक मिलाकर खाने की जरूरत नही है। कुछ पैरेंट्स बच्चों को चिप्स, फ्राईज, क्रिस्प जैसी चीजें खाने को देते हैं। इनकी वजह से बच्चे की किडनी पर असर पड़ता है, क्योंकि सोडियम की इतनी ज्यादा मात्रा बच्चे की किडनी पर दबाव डालती हैं।
चीज (Chese)
डायटीशियन के अनुसार 12 महीने से कम उम्र के बच्चों को चीज नहीं खिलाना चाहिए। काफी सारी चीज की वैराइटी में बैक्टीरिया होते हैं। जो बच्चों के बॉडी में पनपने की संभावना रहती है।
फ्रूट जूस (Fruit Juice)
1 साल से कम उम्र के बच्चों को फ्रूट जूस नहीं पिलाना चाहिए। क्योंकि फ्रूट जूस में किसी भी तरह के न्यूट्रिशनल वैल्यू नहीं होते जो बच्चे के काम आए। बल्कि जूस में मौजूद शुगर बच्चों के दांत को खराब कर देते हैं।
मीट (Meat)
1 साल से कम उम्र के बच्चों को मीट देते समय भी काफी सारी सावधानियां रखनी चाहिए। बच्चे को अधपके हड्डी वाले और स्मोक किए हुए मीट नहीं खिलाने चाहिए। ये बच्चे की सेहत के लिए हार्मफुल और बैक्टीरिया से भरे होते हैं। इसी तरह से हाई मरकरी लेवल वाली फिश और अधपके अंडे भी बच्चों को नहीं खिलाने चाहिए।