
Curacao, FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज हो गया है। टूर्नामेंट का पहला मुकाबला मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेला गया। इस बार विश्व कप में टीमें 32 से बढ़कर 48 हो गई हैं, जिसके कारण कई नई टीमों को पहली बार इस मंच पर उतरने का सुनहरा मौका मिला है। इन्हीं नई टीमों में शामिल है कुरासाओ, जो जल्द ही फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अपना डेब्यू करने वाला है।
कुरासाओ दक्षिण कैरिबियन सागर में स्थित एक छोटा सा द्वीपीय देश है। यह मात्र 443 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला हुआ है और इसकी जनसंख्या केवल 1.56 लाख है। यह वेनेजुएला के तट से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कई चुनौतीपूर्ण दौर पार करने के बाद कुरासाओ ने पहली बार फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्वालीफाई किया है। क्वालिफाइंग में उन्होंने 10 मैच खेले, जिनमें से 7 जीते और पूरे अभियान को अपराजित रहते हुए पूरा किया।
विश्व कप 2026 में कुरासाओ को ग्रुप ई में रखा गया है, जहां उनकी चुनौती जर्मनी, आइवरी कोस्ट और इक्वाडोर से होगी।
कुरासाओ की अटैक लाइन की सबसे बड़ी उम्मीद फॉरवर्ड गर्वाने कस्तानेर हैं। क्वालीफाइंग मैचों में उन्होंने 6 मैचों में 5 गोल किए थे, जिसमें सेंट लूसिया के खिलाफ हैट्रिक भी शामिल है। शानदार फॉर्म में चल रहे कस्तानेर से टीम को बड़ी उम्मीदें हैं। टीम के सर्वकालिक सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी रैंगेलो जानगा भी इस बार अच्छी फॉर्म में हैं। उनके नाम पर पहले ही 21 अंतरराष्ट्रीय गोल दर्ज हैं। क्वालीफाइंग में बारबाडोस के खिलाफ हैट्रिक जड़कर उन्होंने अपनी काबिलियत एक बार फिर साबित की।
14 जून: जर्मनी VS कुरासाओ– ह्यूस्टन स्टेडियम
20 जून: इक्वाडोर VS कुरासाओ– कैनसस सिटी स्टेडियम
25 जून: कुरासाओ VS आइवरी कोस्ट – फिलाडेल्फिया स्टेडियम
इनके अलावा जुनिन्हो बाकुना और गॉरे ने भी क्वालीफाइंग के दौरान मिलकर तीन गोल किए। दोनों खिलाड़ी मिडफ़ील्ड से आगे बढ़कर हमले में अहम योगदान दे सकते हैं। डिफ़ेस में 22 वर्षीय युवा राइट-बैक लिवानो कोमेनेंसिया पर खास नजरें टिकी होंगी। वहीं मिडफील्ड की कमान संभाल रहे 26 वर्षीय ताहित चोंग टीम के सबसे अहम खिलाड़ियों में से एक माने जा रहे हैं। मैनचेस्टर युनाइटेड की अकादमी से निकले चोंग अनुभव और क्वालिटी दोनों के साथ मैदान में उतरेंगे।