गोरखपुर

आगनवाड़ी केंद्र देश के भावी नागरिकों के लिए वरदान हैं : प्रोफेसर पूनम टंडन, कुलपति

अंगनवाड़ी केंद्र न केवल पोषण का जरिया हैं, बल्कि सामाजिक और शारीरिक विकास के भी केंद्र हैं। यदि यहां स्वच्छता को प्राथमिकता दी जाए, तो यह बीमारियों की रोकथाम, कुपोषण की कमी, और बाल विकास के लिए अत्यंत प्रभावी सिद्ध होगा।

2 min read
Aug 20, 2025
फोटो सोर्स: पत्रिका, अन्नप्रासन संस्कार के दौरान कुलपति

गोरखपुर विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिये गये पाँच गाँवों में स्थित आंगनवाड़ी केंद्रों पर महिला अध्ययन केंद्र के नेतृत्व में कराए जा रहे विभिन्न विषयों की प्रतिस्पर्धा के क्रम में बुधवार को मुड़ियारी बुजुर्ग स्थित आगनवाड़ी केन्द्र पर कुलपति प्रो पूनम टंडन पहुंचीं। यह प्रतिस्पर्धा पिपराइच ब्लॉक में गोद लिए गए तीन गांवों–महुवा उर्फ कटैय्या (खदरीख खुर्द), रक्षवापुर (डुबौली), और मथिया ( मुडियारी खुर्द) के कुल 6 अंगनवाड़ी केंद्रों के मध्य आयोजित किया गया।

ये भी पढ़ें

10 सीएमएस सहित 22 वरिष्ठ डॉक्टरों का तबादला, बने वरिष्ठ परामर्शदाता, उन्नाव सीएमएस गए कानपुर

कुलपति को पुष्पगुच्छ भेंट किया गया

जिसमें मुख्य अतिथि कार्यक्रम की संरक्षक प्रोफेसर पूनम टंडन, कुलपति, गोरखपुर विश्वविद्यालय रही। महिला अध्ययन केंद्र की निदेशक प्रो दिव्या रानी सिंह के साथ साथ डीपीओ अभिनव मिश्रा तथा यूनिसेफ के मंडल संयोजक सुरेश तिवारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आरंभ इन सभी के द्वारा कुलपति को पुष्प गुच्छ भेंट करके किया गया।

गोद भराई, अन्नप्रासन संपन्न

इसके पश्चात सेंटर पर मौजूद सरिता सिंह जो की 5 महीने की गर्भवती महिला थी उनका कुलपति के द्वारा पौष्टिक आहार से भरी टोकरी को भेंट करके गोद भराई की संस्कार संपन्न की गई और इसके साथ ही एक धात्री माता जिनके 6 माह का बच्चा इवान उसका अन्नप्राशन का संस्कार संपन्न कराया गया।

विभिन्न कार्यक्रमों के बारे में दी गई जानकारी

इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने हाथ धोने की सही विधि, पोषणयुक्त आहार और मासिक स्वास्थ्य जांच के महत्व पर भी प्रकाश डाला। इसके साथ ही डीपीआरओ एवं सीडीपीओ द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र पर चलाए जा रहे विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम जैसे शिक्षा से संबंधित, कुपोषण से संबंधित, स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण और गर्भवती एवं धात्री माता के लिए किए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रम के बारे में बताया जो की सामाजिक मानसिक और शारीरिक विकास के लिए आवश्यक है।

बच्चों का होगा सर्वांगीण विकास

इसके साथ ही मुडियारी खुर्द की सीडीपीओ डॉ कुसुम और उनके आंगनबाड़ी सेंटर् की कार्यकर्ता बिंदु सिंह उपस्थित रही साथ ही अन्य केंद्र की सीडीपीओ मोहित सक्सेना उनके आंगनवाड़ी सेंटर् की कार्यकर्ता सिंधु सिंह और सहायिका अमरावती देवी उपस्थित रही। बच्चों में रोगों की रोकथाम, बेहतर पोषण, संज्ञानात्मक विकास तथा शारीरिक वृद्धि और विकास को बढ़ावा देने हेतु इस श्रेणी का आयोजन किया गया।

आंगनवाड़ी केंद्र की स्वच्छता –

इस श्रेणी का उद्देश्य बीमारियों के प्रसार को रोकना, बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण में सुधार करना, सीखने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना तथा स्वच्छता की अच्छी आदतें विकसित करना रहा।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का समर्पण -

कार्यकर्ताओं के योगदान को ध्यान में रखते हुए इस प्रतियोगिता में बेहतर बाल स्वास्थ्य और पोषण, प्रारंभिक बचपन की देखभाल और शिक्षा, तथा मातृ स्वास्थ्य और जागरूकता पर विशेष बल दिया गया।
इन समस्त मानको मे जो पाँच केंद्र सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन करेगा, उस आंगनवाड़ी केंद्र को राज्यपाल दीक्षांत के अवसर पर पुरस्कृत करेंगी।

प्रो पूनम टंडन, कुलपति

कार्यक्रम के दौरान कुलपति प्रो पूनम टंडन ने अपने वक्तव्य में कहा कि भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर जागरूकता की भारी कमी है। विशेषकर बच्चों और महिलाओं के बीच पोषण, साफ-सफाई, और प्राथमिक चिकित्सा जैसे विषयों की जानकारी सीमित है।

स्वक्षता को प्राथमिकता देने से सुधरेगी स्थिति

यह कार्यक्रम प्रातः 8:30 बजे से प्रारंभ हुआ, जिसमें आंगनवाड़ी के बच्चों, कार्यकर्ताओं और समुदाय के सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस कार्यक्रम में गृह विज्ञान विभाग की शोध छात्राएं गार्गी पांडे, काजोल आर्यन, शिवांगी मिश्रा एवं कीर्ति भी उपस्थित रही।

कार्यक्रम के अंत में सभी ने यह संकल्प लिया कि वे अपने गांव को स्वच्छ और स्वस्थ रखने के लिए लगातार प्रयास करते रहेंगे। यह प्रतियोगिता ग्राम वासियों के लिए एक प्रेरणादायक कदम सिद्ध हुई है।

ये भी पढ़ें

बस्ती में कई दरोगाओं के कार्यक्षेत्र में फेरबदल, दुरुस्त होगी जनपद की कानून व्यवस्था

Published on:
20 Aug 2025 11:49 pm
Also Read
View All

अगली खबर