
Gorakhpur College News: गोरखपुर के सेंट एंड्रयूज कॉलेज में 18 शिक्षकों को हटाए जाने के बाद विवाद बढ़ गया है। कॉलेज प्रशासन ने 13 शिक्षकों को खराब प्रदर्शन, एक को महाविद्यालय विरोधी गतिविधियों और चार के मामलों को न्यायालय में विचाराधीन बताया है। वहीं, फैशन डिजाइनिंग की कक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं। शिक्षकों की बहाली और अन्य मांगों को लेकर छात्र संयुक्त संघर्ष समिति ने आंदोलन की चेतावनी दी है। दूसरी ओर, कॉलेज प्रशासन ने प्रस्तावित प्रदर्शन को भ्रामक बताते हुए आंदोलन की अनुमति नहीं दी है।
कॉलेज प्रशासन के अनुसार, विभिन्न विभागों के 13 शिक्षकों को उनके खराब प्रदर्शन के आधार पर हटाया गया है। इनमें फैशन डिजाइनिंग के शिक्षक भी शामिल हैं। वहीं, एक शिक्षक पर महाविद्यालय विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा 4 शिक्षकों का मामला न्यायालय में विचाराधीन बताया गया है। शिक्षकों को हटाने के फैसले के बाद कॉलेज प्रशासन और छात्र संयुक्त संघर्ष समिति आमने-सामने आ गए हैं।
छात्र संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया है कि नई प्रिंसिपल ने बिना सही प्रक्रिया अपनाए अलग-अलग विभागों के 18 शिक्षकों को नौकरी से हटा दिया। समिति का कहना है कि इस फैसले का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
समिति ने बीएड विभाग में नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए हैं। इसके अलावा 18 साल से संचालित फैशन डिजाइनिंग को बंद किए जाने और कॉलेज के अन्य शैक्षणिक मामलों में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। समिति ने मांगें पूरी नहीं होने पर 8 अगस्त को आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
दूसरी ओर, कॉलेज की प्रिंसिपल की ओर से जारी नोटिस में 8 अगस्त को प्रस्तावित छात्र प्रदर्शन की खबर को भ्रामक बताया गया है। कॉलेज प्रशासन ने किसी भी प्रकार के आंदोलन या प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने की बात कही है। नोटिस में कहा गया है कि किसी भी अनधिकृत गतिविधि या शिक्षण कार्य में बाधा डालने वाले आंदोलन में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कॉलेज की प्रिंसिपल रैना निवेदिता सैमुअल ने शिक्षकों को हटाए जाने के मामले में अपनी सफाई दी है। उन्होंने बताया कि हटाए गए शिक्षकों में चार शिक्षकों का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। एक शिक्षक महाविद्यालय विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए गए थे, जबकि अन्य शिक्षकों को उनके कार्य और परफॉर्मेंस के आधार पर हटाया गया है।
फैशन डिजाइनिंग की कक्षाएं स्थगित किए जाने पर प्रिंसिपल ने कहा कि इस कोर्स को छात्रों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स नहीं मिल रहा था। इसी वजह से फैशन डिजाइनिंग की कक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। शिक्षकों को हटाने और फैशन डिजाइनिंग की कक्षाएं बंद करने का मामला कॉलेज प्रशासन और छात्रों के बीच विवाद का केंद्र बन गया है। छात्रों की आंदोलन की चेतावनी के बीच कॉलेज प्रशासन ने भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की बात कही है।