spiritual tourism trend : समर सीजन में युवाओं का रुझान कुल्लू-मनाली, शिमला, नैनीताल या मसूरी नहीं, बल्कि स्प्रिचुअल टूरिज्म की तरफ ज्यादा बढ़ रहा है। फैमिली के साथ युवा चारधाम यात्रा पर जाना पसंद कर रहे हैं तो कुछ दोस्तों के साथ भी यात्रा पर निकल रहे हैं।
spiritual tourism trend : समर सीजन ( summer season ) में युवाओं का रुझान कुल्लू-मनाली, शिमला, नैनीताल और मसूरी की जगह स्प्रिचुअल टूरिज्म ( spiritual tourism ) की ओर अधिक बढ़ रहा है। फैमिली मेंबर्स के साथ युवा चारधाम यात्रा ( Char Dham Yatra ) पर जाना पसंद कर रहे हैं तो कुछ फे्रंड्स के साथ भी यात्रा पर निकल रहे हैं। ग्वालियर की बात करें तो टूर एंड ट्रेवल्स ( tour and travels ) के पास चारधाम यात्रा के लिए युवाओं की काफी डिमांड आ रही है। युवाओं की मांग को देखते हुए टूर ट्रेवल्स ने अलग-अलग पैकेज भी बनाए हैं। 50 हजार रुपए से लेकर एक लाख रुपए तक पैकेज युवा ले रहे हैं।
टूर एंड ट्रैवल्स संचालकों के मुताबिक, चारधाम यात्रा पर जाने वालों में अब युवाओं की संख्या में खासी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इसके साथ ही युवाओं का धार्मिक स्थलों के प्रति रुझान बढ़ाने में सोशल मीडिया की भी अहम भूमिका है। इन्फ्लुएंसर भारत में स्थानों के बारे में लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
टूर एंड ट्रेवल्स संचालक राहुल गुप्ता के अनुसार, एक समय था, जब युवाओं में शिमला, मनाली, मसूरी नैनीताल जैसे हिल स्टेशन जाने का ही क्रेज देखने को मिलता था। अब ये ट्रेंड बदलता दिख रहा है। युवा वर्ग अब चारधाम जाना अधिक पसंद कर रहे हैं। चारधाम यात्रा में भगवान के दर्शन के साथ-साथ ठंडे स्थानों का आनंद भी मिल जाता है। मई से जून माह के बीच बड़ी संख्या में यंगस्टर्स स्प्रिचुअल टूर पर गए हैं और आगे जुलाई तक कई लोगों की बुकिंग है।
टूर एंड ट्रेवल्स संचालक प्रशांत सिंघल के मुताबिक आमतौर पर गर्मियों की छुट्टियों में बुजुर्ग चारधाम की यात्रा का टिकट बुक कराते हैं। इस बार 80 फीसदी के लगभग युवाओं ने चारधाम यात्रा की योजना बनाई है। कोरोनाकाल के बाद युवाओं में यह बदलाव देखने को मिल रहा है।
शहर के दाल बाजार इलाके में रहने वाले अखिलेश गोयल ने पत्रिका से बातचीत में बताया कि हमने 26 मई से 6 जून तक चार धाम यात्रा की। इसमें कुल 17 लोग साथ गए थे, इनमें 10 यंगस्टर्स भी थे। चारधाम यात्रा के साथ ही सभी ने एडवेंचर का लुत्फ भी उठाया।