Vivekananda Needam Railway Over Bridge inaugurated: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्चुअली किया लोकार्पण, भाजपा सरकार ने शहर का 5 ओवर ब्रिज दिए हैं,
Vivekananda Needam Railway Over Bridge inaugurated: जनता की मांग पर विवेकानंद नीडम रेलवे ओवर ब्रिज का लोकार्पण मंगलवार को हो गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्चुअल इसका लोकार्पण किया। इस लोकार्पण मंच पर उस राजनीतिक श्रेय का मामला फिर उछला जिसको इसके न खुलने की वजह माना जा रहा था। मुख्यमंत्री ने कहा, कई विरोधी हैं जिनका हमारी सफलता में कोई योगदान नहीं है, लेकिन विकास कार्यों के उद्घाटन के लालायित हो रहे हैं। यह उनके मन में है या फिर हमको श्रेय नहीं देना चाहते हैं। कोई बात नहीं विकास के मामले में उनका मन उनके साथ रहे। जब हमने विकास का संकल्प लिया है तो सबके विकास का भाव रखते हैं। हम उनकी भावना को भी समझ रहे हैं।
इससे पहले कार्यक्रम में मंच पर मौजूद कांग्रेस विधायक डॉ. सतीश सिकरवार ने श्रेय का मामला छेड़ा था। उन्होंने कहा कि इंदौर शहर स्वच्छता में नंबर-1 है क्योंकि वहां विकास के लिए भाजपा-कांग्रेस एक साथ काम करती हैं, लेकिन ग्वालियर में ऐसा नहीं है। इसलिए हमें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट होकर शहर विकास के लिए काम करना होगा। देश में प्रधानमंत्री भाजपा का, प्रदेश में मुख्यमंत्री भाजपा का, पैसा भी केंद्र की भाजपा सरकार का, सबकुछ तो भाजपा का है तो श्रेय भी आपको ही मिलेगा।
नाका चंद्रवदनी संभागीय आयुक्त कार्यालय के पास लोकार्पण कार्यक्रम का मंच बनाया गया था। मुख्यमंत्री ने लगभग 7 करोड़ 87 लाख रुपए की लागत से नवनिर्मित अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास भवन थाटीपुर व अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास भवन सिरोल का भी वर्चुअल रूप से लोकार्पण किया। ये दोनों छात्रावास 50-50 सीटर हैं और प्रत्येक छात्रावास का निर्माण 3 करोड 93 लाख 38 हजार रुपए की लागत से किया है।
इसमें मुख्यमंत्री ने कहा, बहादुरा के लड्डू की याद आ रहे हैं, यह मिठाई बांटने का समय है। उन्होंने कहा, विवेकानंद नीडम पुल बनने से ट्रैफिक समस्या हल होगी। अब लोगों को लंबा चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रदेश में ग्वालियर की विशेष पहचान है। विकास पहिया रुक गया था, लेकिन अब वह तेजी से चल रहा है। ग्वालियर और दिल्ली के बीच जो दूरी है उसको विकास कार्यों से कम कर देंगे। प्रदेश को जल्द ही कुछ सौगात और मिलेंगी।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, इस ब्रिज को बनने में काफी समय लग गया। यह कोविड से पहले तैयार हो जाना था लेकिन अब तैयार है और आमजनता इस पुल का उपयोग कर सकेगी। भाजपा सरकार ने शहर का 5 ओवर ब्रिज दिए हैं। जिनसे शहर का आवगमन में राहत मिली है। उल्लेखनीय है कि विवेकानंद नीडम के समीप लगभग 42 करोड़ 80 लाख रुपए की लागत से यह आरओबी बनकर तैयार हुआ है। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, ऊर्जा प्रद्युम्न सिंह तोमर, मंत्री राकेश सिंह वर्चुअली जुड़े थे।
ग्वालियर अंचल विकास के लिए प्यासा था, लेकिन अब शहर विकास के पथ अग्रसर है। एजी ऑफिस पुल ही अभी तक सिटी सेंटर के लोगों के लिए विकल्प था, लेकिन अब विवेकानंद नीडम पुल इस कमी को पूरा कर देगा। वेस्टर्न बायपास की भी केंद्रीय मंत्री गडकरी ने स्वीकृति दे दी है।
- ज्योतिरादित्य सिंधिया, केंद्रीय संचार मंत्री
शहर का विकास भाजपा की सरकार में हुआ है। स्टेशन, वेस्टर्न बायपास जैसे प्रोजेक्ट शहर तस्वीर बदल देंगे। हरिशंकरपुरम और मोहना आरओबी के काम का भी जल्द भूमिपूजन होने जा रहा है। दलगत राजनीति से ऊपर उठकर शहर का विकास करेंगे।
-भारत सिंह कुशवाह, सांसद ग्वालियर
पुल बनने का सपना आज पूरा हो गया है। अब हरिशंकरपुरम अंडरपास और मोहना आरओबी बनने का काम शेष रह गया है। यह काम भी जल्द शुरू होने चाहिए। विकास के लिए सब एकजुट है, महापौर भी हमारी है। सब मिलकर शहर के विकास को आगे बढ़ाएंगे।
- विवेक नारायण शेजवलकर, पूर्व सांसद