
AEC High Causes: जब भी डॉक्टर किसी एलर्जी, बार-बार होने वाली खांसी, अस्थमा या कुछ खास संक्रमणों की जांच करते हैं, तो वे कई बार ब्लड टेस्ट में AEC (Absolute Eosinophil Count) देखने की सलाह देते हैं। लेकिन रिपोर्ट में AEC बढ़ा हुआ देखकर अक्सर लोग घबरा जाते हैं और समझ नहीं पाते कि इसका मतलब क्या है।
AEC अपने आप में कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह शरीर में चल रही किसी स्थिति का संकेत हो सकता है। इसलिए इसका बढ़ना हमेशा गंभीर बीमारी का मतलब नहीं होता, लेकिन इसे नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए।
हमारे खून में कई प्रकार की सफेद रक्त कोशिकाएं (White Blood Cells) होती हैं। इनमें से एक प्रकार को Eosinophils (ईओसिनोफिल्स) कहा जाता है। MedlinePlus के अनुसार, ईओसिनोफिल्स शरीर को संक्रमणों से बचाने और एलर्जी संबंधी प्रतिक्रियाओं में भूमिका निभाने वाली कोशिकाएं हैं। AEC टेस्ट खून में मौजूद इन ईओसिनोफिल्स की वास्तविक संख्या को मापता है। जब इन कोशिकाओं की संख्या सामान्य से ज्यादा हो जाती है, तो इस स्थिति को Eosinophilia कहा जाता है।
NIH और MedlinePlus के अनुसार AEC बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं।
एलर्जिक राइनाइटिस (नाक की एलर्जी), अस्थमा, त्वचा की एलर्जी या एक्जिमा जैसी स्थितियों में AEC बढ़ सकता है। यह सबसे आम कारणों में से एक माना जाता है।
कुछ प्रकार के कृमि या परजीवी संक्रमणों में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली सक्रिय हो जाती है, जिससे ईओसिनोफिल्स की संख्या बढ़ सकती है।
यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय से अस्थमा है और बार-बार सांस लेने में परेशानी होती है, तो AEC का स्तर सामान्य से अधिक मिल सकता है।
कुछ दवाएं शरीर में एलर्जिक प्रतिक्रिया पैदा कर सकती हैं, जिसके कारण ईओसिनोफिल्स बढ़ सकते हैं।
कभी-कभी शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली की गड़बड़ी या सूजन संबंधी बीमारियों में भी AEC बढ़ा हुआ दिखाई दे सकता है।
दुर्लभ मामलों में लगातार बहुत अधिक AEC कुछ रक्त विकारों या कैंसर से जुड़ी स्थितियों का संकेत भी हो सकता है। हालांकि ऐसा कम देखने को मिलता है।
डॉक्टर केवल AEC की रिपोर्ट देखकर बीमारी तय नहीं करते। यदि AEC बढ़ा हुआ आता है, तो डॉक्टर मरीज के लक्षण, मेडिकल हिस्ट्री और अन्य जांचों को भी देखते हैं। उदाहरण के लिए, यदि किसी व्यक्ति को एलर्जी, खुजली या अस्थमा है, तो AEC बढ़ने का कारण अलग हो सकता है, जबकि किसी अन्य व्यक्ति में कारण कुछ और हो सकता है।
यदि AEC बढ़ा हुआ है और साथ में ये समस्याएं भी हैं, तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है:
सबसे पहले घबराने की जरूरत नहीं है। AEC का बढ़ना केवल एक संकेत है, बीमारी नहीं। डॉक्टर कारण का पता लगाने के लिए अतिरिक्त जांच की सलाह दे सकते हैं। सही इलाज हमेशा उस कारण पर निर्भर करता है जिसकी वजह से ईओसिनोफिल्स बढ़े हैं। इसलिए खुद से दवा लेने के बजाय विशेषज्ञ से परामर्श करना बेहतर होता है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।