
Angina VS Arrhythmia Symptoms: जब भी छाती में अचानक दर्द होता है या दिल तेजी से धड़कने लगता है, तो सबसे पहले दिमाग में एक ही डर आता है कहीं यह हार्ट अटैक तो नहीं? लेकिन समझें कि हर बार सीने का दर्द हार्ट अटैक नहीं होता। दिल से जुड़ी दो ऐसी ही बीमारियां हैं जिनके लक्षण बिल्कुल हार्ट अटैक जैसे लग सकते हैं, लेकिन ये उससे अलग हैं। इन बीमारियों के नाम हैं, एंजाइना (Angina) और हार्ट एरिथमिया (Heart Arrhythmia)।
हार्ट फॉउंडेशन न्यूजीलैंड के अनुसार, एंजाइना का मतलब है सीने में दर्द या भारीपन महसूस होना, और यह इशारा करता है कि दिल से जुड़ी कोई बीमारी हो सकती है।
आइए जानते हैं कि इन दोनों (Angina and Arrhythmia) में क्या फर्क है?
एंजाइना कोई हार्ट अटैक नहीं है, बल्कि यह आपके दिल की तरफ से मिलने वाली एक चेतावनी है। यह तब होता है जब दिल की नसें अंदर से थोड़ी सिकुड़ या ब्लॉक हो जाती हैं, जिससे दिल की मांसपेशियों तक उतनी ऑक्सीजन और खून नहीं पहुंच पाता जितनी उसे जरूरत होती है। इसके लक्षणों में सीने में भारीपन, जकड़न या ऐसा दर्द जो छाती से शुरू होकर आपकी गर्दन, जबड़े, पीठ या बाएं (Left) हाथ तक जाने लगता है। यह दर्द अमूमन तब उठता है जब आप कोई मेहनत का काम करते हैं। जैसे, सीढ़ियां चढ़ना, भारी सामान उठाना, दौड़ना या फिर बहुत ज्यादा गुस्सा और तनाव करना। अच्छी बात यह है कि जैसे ही आप बैठ कर आराम करते हैं या डॉक्टर की बताई दवा लेते हैं, यह दर्द कुछ ही मिनटों में ठीक हो जाता है।
मेयो क्लिनिक के अनुसार, हमारा दिल एक तय रफ्तार और ताल (रिदम) से धड़कता है। लेकिन जब दिल की धड़कन का यह ताल बिगड़ जाए, तो इसे हार्ट एरिथमिया कहते हैं। इसमें दिल या तो बहुत तेजी से भागने लगता है, या बहुत धीमा हो जाता है, या फिर रुक-रुक कर अजीब तरीके से धड़कता है। ऐसा दिल के अंदर वाले इलेक्ट्रिकल सिस्टम (करंट वाले सिस्टम) में गड़बड़ी आने से होता है। छाती में अजीब सी फड़फड़ाहट महसूस होना, ऐसा लगना कि दिल ज़ोर-ज़ोर से उछल रहा है, अचानक चक्कर आना, बहुत ज्यादा कमजोरी लगना, सांस फूलना या कभी-कभी बेहोश हो जाना इसके प्रमुख लक्षण हैं।
एंजाइना (Angina) का सीधा कनेक्शन दिल की नसों (Plumbing) से है। नसें संकरी होने से खून कम पहुंचता है और मेहनत करने पर सीने में दर्द होता है। एरिथमिया (Arrhythmia) का सीधा कनेक्शन दिल के करंट (Wiring) से है। इसमें दिल की धड़कन की रफ्तार या चाल ऊपर-नीचे हो जाती है।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।